जागरण संवाददाता, करनाल : जिले में कोरोना संक्रमण के नॉन स्टाप केस आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बाद भी चेन है कि टूटने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को कोरोना के 17 नए केस आए हैं, जिसमें दो केस जिले से बाहर के हैं। जबकि आठ मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर 544 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से आशंकित कुल 23797 व्यक्तियों के सैंपलों की जांच की जा चुकी है, जबकि इनमें से 22966 की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। जिले में अब तक 8 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अब एक्टिव केसों की संख्या में इजाफा होकर 151 हो गई है, जबकि 385 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं। कितने केस किस क्षेत्र के से मिले

जगह का नाम संक्रमितों की संख्या

शिव कालोनी 03

माल रोड 02

पुरानी अनाज मंडी 02

सेक्टर-4 01

हांसी रोड 01

सेक्टर-16 01

मंगल कालोनी 01

सीएचडी सिटी 01

तरावड़ी 01

पुलिस लाइन 01

कुटेल 01

सेक्टर-9 01

माडल टाउन 01

नोट : यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। संक्रमण रोकने के लिए यह किए गए प्रयास

- स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना टेस्टिग की संख्या बढ़ाई गई है।

- मोबाइल वैन भी जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर सैंपल ले रही है।

- ट्रैवल हिस्ट्री बाहर की पता चलते ही कोविड-19 की टीम हरकत में आती है और चेकअप कराती है।

- कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में लैब में 24 घंटे टेस्ट की सुविधा की गई है।

- वेंटीलेटर व ऑक्सीजन युक्त बैडों की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि लोग जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें। मास्क का प्रयोग करें। शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते रहें। अपने आपको निरंतर सैनिटाइजिग करते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस के बढ़ते केसों के दृष्टिगत प्रशासन सख्त है। जो व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर निकलेगा, उसका 500 रुपये का चालान किया जाएगा। सिविल सर्जन डा. अश्विनी आहुजा ने कहा कि उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसकी ट्रैवल हिस्ट्री बाहर की है वह तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें। ताकि उसके स्वास्थ्य की जांच की जा सके और लक्षण पाए जाने पर कोविड-19 का टैस्ट किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाये जाते हैं, उन्हें अस्पताल में रखने की बजाए नीलोखेड़ी के नजदीक स्थित गुरुकुल में स्थापित किये गए कोविड केयर सेंटर में रखा जाता है।

Edited By: Jagran