जागरण संवाददाता, करनाल : नई सब्जी मंडी स्थित सार्वजनिक शौचालयों की हालत दयनीय है। प्रशासन भले ही स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर लोगों को जागरूक करने का दंभ भरता हो, लेकिन हकीकत में सार्वजनिक शौचालय बदहाल हैं। सोमवार को दैनिक जागरण टीम नई सब्जी मंडी में सार्वजनिक शौचालयों का जायजा लेने पहुंची। यहां लगभग पांच सार्वजनिक शौचालय हैं, जिनकी देखरेख का जिम्मा मार्केट कमेटी के पास है। बावजूद इसके हालात सामान्य से परे हैं। इन शौचालयों का अधिकतर इस्तेमाल मजदूर लोग करते हैं। मजदूरों ने कहा कि शौचालयों में न तो दरवाजे बंद होते हैं और न ही पानी की व्यवस्था है। ऐसे में लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों को भी कई बार सूचना दे चुके हैं, लेकिन मजदूरों की सुनवाई नहीं हो रही है। मार्केट कमेटी के संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक शौचालयों का एक बार खुद जायजा लेना चाहिए।

सीवर की व्यवस्था फेल

प्रशासन ने खुले में शौच पर पाबंदी लगाई है। लेकिन शौचालयों की स्थिति ऐसी है कि कोई इन्हें इस्तेमाल नहीं कर सकता। कारण साफ है कि संबंधित अधिकारी शौचालयों की देखरेख पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। यहां न तो बिजली-पानी की व्यवस्था ठीक है और न ही साफ-सफाई की। दरवाजे भी टूटे हैं। सीवर की व्यवस्था के फेल होने से सारा दिन शौचालयों में कीचड़ रहता है।

ललन पासवान, मजदूर। खुले में शौच जाने पर मजबूर

सब्जी मंडी में शौचालय की सफाई के लिए एक ही सफाई कर्मचारी लगाया गया है, जो रोज शाम शौचालय पर ताला लगाकर घर लौट जाता है। इसके कारण शाम को लौटने वाले मजदूर परेशान होकर खुले में ही शौच के लिए बैठ जाते हैं, जो वातावरण के लिए ठीक नहीं है।

विकास कुमार, राहगीर, बसंत विहार। खरीदारी करने पहुंचते हैं लोग

शौचालय की सफाई न होने के कारण हर समय तो यहां दुर्गध आती है। ऐसी स्थिति में इन शौचालयों का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। सब्जी मंडी में रोजाना काफी संख्या में लोग सब्जी खरीदने पहुंचते हैं। इनमें से बहुत कम राहगीर होते हैं, जो इन शौचालयों का इस्तेमाल करते हैं। व्यवस्था में खामी जरूर है, लेकिन संबंधित अधिकारी ध्यान दे, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा।

-संदीप कुमार, दुकानदार। बदबू से मुंह मोड़ लिया

बाजार में सब्जी लेने के लिए घर से निकला था। सब्जी खरीदने के बाद शौचालय जाने की इच्छा हुई। सफाई न होने के कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया। शौचालय में यूरिनल टूटा हुआ है। इसके अलावा आसपास दुर्गंध भी काफी है। इसके कारण मुंह मोड़ लिया।

संदीप, राहगीर। गंदगी से अटा है शौचालय

शौचालयों में सफाई केवल दिखावा है। जिस दिन मार्केट कमेटी के लोग व्यवस्था जांचने आते हैं। उस दिन तो सफाई दिखती है, लेकिन बाद में फिर हालात पहले जैसे हो जाते हैं। शौचालय नियमित रूप से सफाई मांगते हैं। साफ-सफाई न होने के कारण मंडी में आने वाले लोग इन शौचालय का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से निभानी चाहिए।

मोहम्मद कलाम, दुकानदार।

Posted By: Jagran

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