111 फीट ऊंचे मंदिर में विराजमान मां मनसा देवी, हरिद्वार से करनाल लाई गई थी प्रचंड ज्योत; नवरात्र में गूंजते हैं जयकारे
कैथल रोड स्थित नीमसार तीर्थ के पास 111 फीट ऊंचा माता मनसा देवी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का ...और पढ़ें
-1791999280295_m.webp)
111 फीट ऊंचे मंदिर में विराजमान मां मनसा देवी, नवरात्र में गूंजते हैं जयकारे।
HighLights
निसिंग का 111 फीट ऊंचा माता मनसा देवी का प्राचीन मंदिर।
नवरात्र में विशेष भक्तिमय माहौल, दूर-दराज से आते श्रद्धालु।
मंदिर में चार मंजिल पर विभिन्न देवी-देवताओं के दरबार।
संवाद सहयोगी, निसिंग। कैथल रोड स्थित नीमसार तीर्थ के प्राचीन घाट के किनारे 111 फीट ऊंचा माता मनसा देवी का मंदिर है। प्राचीन समय से ही यह श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। दूर दराज से नवरात्र के दौरान श्रद्धालु यहां पूजा पाठ व मन्नत मांगने के लिए आते हैं।
वहीं, मन्नत पूरी होने पर पूजा पाठ करवाते हैं। नवरात्र में यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। इस चार मंजिला मंदिर में नौ शिवालय बने हैं। प्रथम तल पर माता मनसा देवी की मूर्ति स्थापित है। दूसरी मंजिल पर द्वारीकाधीश श्रीकृष्ण का दरबार है। तीसरी मंजिल पर श्रीराम दरबार है जबकि चौथी मंजिल पर नवदुर्गा के स्वरूप विराजमान हैं।
मंदिर की विशेषता
क्षेत्र में बना माता मनसा देवी का प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर अति प्राचीन है, जहां भक्तों द्वारा मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी मंदिर के प्रथम तल पर माता मनसा देवी का सुंदर दरबार हैं। जिसमे माता विराजमान रहकर भक्तों को इच्छित फल देती हैं। इस मंदिर में रोहतक से लेकर पानीपत, करनाल, कैथल, जींद यहां तक की राजस्थान के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
मंदिर का इतिहास
कैथल रोड पर बना मां मनसा देवी मंदिर की विक्रमी संवत 2014 की चैत्र शुदी अष्टमी को स्थापना की गई थी। ग्रामीणों ने गांव में माता का मंदिर नहीं होने के कारण मंदिर निर्माण की इच्छा जताई थी। महंत बाबा मोती गिरी की देखरेख में ग्रामीणों के सहयोग से हरिद्वार स्थित माता मनसा देवी की प्रचंड ज्योत लाई गई थी। फिर मूर्ति स्थापना व मंदिर निर्माण हुआ।
नवरात्र में माता का प्रतिपदा से चौदस तक भंडारा लगाया जाता है।मंदिर में करनाल व कैथल की ओर आने वाले श्रद्धालु रोडी साहिब गुरुद्वारा चौक पर उतरकर सामने बने मंदिर में पहुंच सकते हैं।
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे
मंदिर कमेटी प्रधान रोशन लाल गोयल का कहना है कि कमेटी की ओर से सीसीटीवी कैमरे पूरे क्षेत्र में लगाए गए हैं। हर वर्ष नवरात्रों पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। अश्विन व चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिप्रदा से चौदस तक मंदिर में माता का भंडारा चलाया जाता है। सामान्य दिनों में भी भोजन की व्यवस्था रहती है। नवरात्र में कमेटी सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए व्यवस्था बनने पर विशेष जोर दिया जाता है।
नवरात्र में बरसती मां की असीम कृपा
पुजारी दिव्य प्रसाद शास्त्री का कहना था कि माता के दरबार में सच्चे दिल से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। नवरात्र में भक्तों पर मा की असीम कृपा बरसती है। लोग मन्नत पूरी होने पर मंदिर में नारियल, चुनरी व प्रसाद चढ़ाने आते है। नवरात्र में मंदिर में नित्य दुर्गा सप्तशती पाठ किए जाते हैं। अष्टमी व चौदस में लंबी कतारें लगती हैं।लोगों को दर्शनों के लिए लाइनों में घंटों इंतजार करना पड़ता है
