जागरण संवाददाता, करनाल: मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मंगलवार रात के तापमान में दोगुना उछाल देखने को मिली है। न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी उछाल के साथ 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। सुबह के समय ही तेज हवा शुरू हो गई, जो 4.3 किलोमीटर प्रति घंटा की औसत रफ्तार से चली। ठंडी हवा का अहसास देखने को मिली। सुबह के समय नमी की मात्रा भी 100 फीसद दर्ज की गई। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है। पांच फरवरी को मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद धुंध फिर से गहरा सकती है। बुधवार सुबह भी हल्की धुंध का नजारा देखने को मिला है। इस प्रकार से मौसम परिवर्तन का दौर चल रहा है उससे जाहिर है कि फरवरी माह में भी अच्छी ठंड गिरेगी। ठंड इस बार लंबी चल सकती है। ठंड से गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद

कृषि एवं कल्याण विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डा. एसपी तोमर ने बताया कि मौसम विभाग ने इस बार ठंड लंबी चलने का अनुमान जताया है। यदि मार्च के आखिर तक ठंड चली तो निश्चित तौर पर इसका असर उत्पादन पर आएगा। ठंड लंबी चलने से फसल अच्छी बनेगी और बंपर पैदावार होगी। जिले में 1.72 लाख हैक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। फोटो---07 नंबर है।

बदलते मौसम में बच्चों का रखें विशेष ध्यान

बाल रोग विशेषज्ञ डा. वीरेंद्र परमार ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में जरूरी है कि अपने साथ बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए। आमतौर पर सभी बच्चों को श्वसन संकट के साथ सभी बच्चों में किसी भी कारण से सांस की विफलता के जोखिम के कारण से बचा जाना चाहिए। इन बच्चों में बेचैनी हाईपोक्सिया का संकेत है, जिसे ऑक्सीजन की ओर से प्रबंधित किया जाना चाहिए। बच्चे ठंड की चपेट में आ जाते हैं। इसका कारण यह है कि जब तेज धूप निकलती है तो लोग लापरवाह हो जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शाम के समय ठंड बढ़ती है तो उसका असर स्वास्थ्य पर देखने को मिलता है। लोगों से अपील है कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। बच्चों का हरसंभव ख्याल रखें।

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