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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मधुमक्खी पालक व्यवसाय के उत्थान के लिए प्रदेश में नया मिशन लागू : जोगिद्र बिसला

By JagranEdited By:
Published: Tue, 22 Feb 2022 06:59 PM (IST)

जिला बागवानी अधिकारी जोगिद्र बिसला ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ ही बदलते परिवेश में किसान अब मधुमक्खी पालन ...और पढ़ें

मधुमक्खी पालक व्यवसाय के उत्थान के लिए प्रदेश में नया मिशन लागू : जोगिद्र बिसला
मधुमक्खी पालक व्यवसाय के उत्थान के लिए प्रदेश में नया मिशन लागू : जोगिद्र बिसला

जागरण संवाददाता, करनाल : जिला बागवानी अधिकारी जोगिद्र बिसला ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ ही बदलते परिवेश में किसान अब मधुमक्खी पालन को अपनाकर आर्थिक रूप से संपन्न हो सकते हैं। इस संबंध में राज्य सरकार ने मधुमक्खी पालकों व शहद के व्यवसाय के उत्थान के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन व हनी मिशन (एनबीएचएम) शुरू किया गया है, जिसका किसान ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार मधुमक्खी पालकों व शहद के व्यवसाय के उत्थान के लिए कटिबद्ध है। सरकार द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन व हनी मिशन के अंतर्गत मधुमक्खी पालन, संवर्धन प्रोजेक्टस पर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है।

अनुदान राशि देकर किया जा रहा है प्रोत्साहित

जिला बागवानी अधिकारी जोगिद्र बिसला ने बताया कि मधुमक्खी पालन उपकरणों की निर्माण इकाई मद में 20 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम आठ लाख रुपये प्रति परियोजना की अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी प्रकार से प्रति परियोजना पर पालकों को पंजीकरण एवं बीमा की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिग केंद्र मद में 75 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 25 लाख रुपये प्रति परियोजना, प्रशिक्षण 200 घंटे के लिए (25 प्रतिभागी प्रति बैच) मद में कौशल विकास के मापदंडों के अनुसार 800 रुपये प्रतिदिन, प्रतिभागी, शहद और उत्पादों का संग्रह, व्यापार, ब्रांडिग, विपणन आदि केंद्र मद में 30 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 30 लाख रुपये प्रति परियोजना, शहद और अन्य प्रसंस्करण इकाइयां, प्लांट मद में 500 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 300 लाख रुपये प्रति परियोजना, शहद और अन्य मधुमक्खी, शीत भंडारण आदि मद में 80 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 40 लाख रुपये प्रति परियोजना तथा टेस्टिग लैब मद में 100 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति परियोजना की अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालक बी ब्रीडर्स, मधुमक्खी कालोनियों, मधुमक्खी के बक्से (सुपर सहित), मधुमक्खी पान उपकरण व प्रशिक्षण के लिए एमआइडीएच योजना के अंदर लाभ ले सकते हैं। उपरोक्त योजना का लाभ लेने व अधिक जानकारी के लिए किसान, मधुमक्खी पालक अपने संबंधित जिला उद्यान अधिकारी एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।