सेवा सिंह, करनाल:

भूकंप जैसी आपदा का ख्याल आते ही हर कोई सिहर जाता है, लेकिन ऐसे हालात में ही जिदगी बचाने के लिए देवदूत के समान प्रकट हो जाते हैं एनडीआरएफ के जवान। ऐसी आपदा के समय सरकार भी एनडीआरएफ यानी नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स पर विश्वास जताती है। इस विश्वास पर ये फोर्स खरा उतरती आई है। मुश्किल तब होती है जब समय रहते ये फोर्स पहुंच नहीं पाती। इसी कमी को देखते हुए अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ को जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को गुर सिखाने का जिम्मा सौंप दिया है।

इसके तहत गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन अगले तीन वर्षो तक देश के 64 जिलों में मॉकड्रिल करेगा। इसमें प्रशासनिक अमले को भी शामिल किया जाएगा। इनमें हरियाणा के सभी 22 जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी 18 जिले शामिल हैं। एनडीआरएफ अभी तक गुरुग्राम, पंचकूला और करनाल में ऐसे कार्यक्रम कर चुकी है, जबकि बाकी जिलों के लिए प्लान तैयार है। मॉकड्रिल के साथ आम लोगों और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी जागरूक किया जाएगा। 20 मिनट में पहुंच जाती है यह टीम

गाजियाबाद से कुछ दिनों पहले करनाल पहुंची नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स की आठवीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट आदित्य प्रताप सिंह ने दैनिक जागरण से फोर्स की कार्यप्रणाली पर बातचीत की थी। उनके अनुसार फोर्स का कंट्रोल रूम दिन-रात संचालित होता है। यहां सूचना आने पर अधिकारियों का आदेश मिलते ही करीब 20 मिनट में रेस्क्यू टीम पहुंचने में सक्षम होती है। दो टीमें हर समय पूरे प्रबंध के साथ अलर्ट मोड पर रहती हैं। केंद्र पर ऐसी 18 टीमें हैं और एक टीम में 47 जवान शामिल होते हैं, जो हर गंभीर हालत में लोगों की जिदगी बचाने में दक्ष होते हैं। फोर्स विश्वस्तरीय अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। फोर्स की तत्परता का परिणाम है कि 2013 में नेपाल में आए भूकंप और 2018 में जापान में सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सबसे ज्यादा जिदगी बचाने का रिकार्ड इसी के नाम है। प्रदेश में रहती है भूकंप की आशंका

भूकंप से बचाव की तैयारियों के लिए जोन-तीन बनाया गया है, जिसमें दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। हरियाणा में हाईराइज यानी ऊंची-ऊंची बिल्डिंग के देखते हुए इसे जोन तीन में शामिल किया है, क्योंकि भूकंप जैसी आपदा के समय नुकसान और बचाव का विषय ऐसे भवनों से जुड़ा है।

Edited By: Jagran