जागरण संवाददाता, करनाल : स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति प्रोग्राम को शुरू किया गया। यह प्रोग्राम 20 अक्टूबर तक चलेगा। जिसका लक्ष्य जिले के 1 से 19 वर्ष के लगभग 4.5 लाख बच्चों को एवं 20 से 24 वर्ष की विवाहित महिलाओं को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर कृमि मुक्त करना है। इस प्रोग्राम के तहत 349 एएनएम 1152 आशा वर्कर एवं 1473 आगंनबाड़ी वर्कर कोरोना-19 के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए घर-घर जाकर बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली निशुल्क खिलाएगी तथा जो बच्चे किसी कारणवश छ्रूट जाएंगे, उन्हें 18 से 20 अक्तूबर 2020 तक मोप अप राउंड के दौरान गोली खिलाएगी। 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), 2 से 3 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली (पीसकर), 3 से 19 वर्ष के बच्चों एवं 20 से 24 वर्ष की विवाहित महिलाओं को पूरी गोली चबाकर खानी है।

खून की कमी का एक मुख्य कारण होते हैं पेट के कीड़े

सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा ने बताया कि स्कूल एवं मैटरनल हेल्थ के अंर्तगत यह प्रोग्राम चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों में खून की कमी का एक मुख्य कारण कृमि होते हैं, जिस कारण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में कमी आ जाती है। गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं जैसे कि दस्त, जी मिचलना, उल्टी, हल्का पेट दर्द, कमजोरी, वजन कम होना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना और पढ़ाई में ध्यान ना लगना। यह अल्बेंडाजोल की गोली बिल्कुल सुरक्षित है, इसको खाने से अनेक फायदे होते है जैसे कि अनीमिया में नियंत्रण, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, समुदाय में कृमि संक्रमण की व्यापकता में कमी। सिविल सर्जन ने अपील की कि 12 से 20 अक्टूबर 2020 के बीच में एएनएम, आशा वर्कर व आगंनबाड़ी वर्कर द्वारा दी जाने वाली अल्बेंडाजोल की गोली को अपने बच्चों को अवश्य खिलाएं, ताकि भारत की भावी पीढ़ी को तंदुरुस्त एवं एनीमिया मुक्त बनाया जा सके।

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