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हरियाणा में बारिश के बाद मानसून पर लगा ब्रेक, अब उमस भरी गर्मी बढ़ाएगी परेशानी

Published: Mon, 17 Aug 2026 07:41 PM (IST)

करनाल में बीते 24 घंटों में हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हुआ, लेकिन अब मानसून पर ब्रेक लगने से उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

झमाझम बारिश के बाद अब मानसून पर ब्रेक, उमस बढ़ाएगी परेशानी।

झमाझम बारिश के बाद अब मानसून पर ब्रेक, उमस बढ़ाएगी परेशानी।

HighLights

  1. करनाल में 24 घंटे में 36.2 एमएम बारिश दर्ज

  2. अब मानसून पर ब्रेक, उमस भरी गर्मी बढ़ेगी

  3. मौसमी बीमारियों और सिंचाई की समस्या का खतरा

जागरण संवाददाता, करनाल। सीएम सिटी करनाल और आसपास के इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। इस अवधि में 36.2 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिससे अगस्त महीने में अब तक कुल बारिश का आंकड़ा 77.1 एमएम पहुंच गया है।

हालांकि, तेज बारिश से तापमान में गिरावट तो दर्ज की गई है, लेकिन अब आने वाले दिनों में लोगों को राहत के बजाय आफत का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे सप्ताह मानसून पर ब्रेक लग गया है, जिससे उमस भरी गर्मी जनजीवन को प्रभावित करेगी।

सोमवार को अधिकतम तापमान गिरावट के साथ 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय नमी की मात्रा 97 प्रतिशत दर्ज की गई जो शाम को घटकर 73 प्रतिशत रह गई। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा।

बादल छाएंगे, पर बरसेंगे नहीं, जानिये मानसून का अगला रुख

मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी। सप्ताह के दौरान बीच-बीच में आंशिक रूप से बादल जरूर छा सकते हैं, लेकिन वे बिन बरसे ही गुजर जाएंगे। मानसून के इस ठहराव से हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे पसीने छुड़ाने वाली उमस बढ़ेगी। अब सभी की निगाहें मानसून के दूसरे चरण पर टिकी हैं कि जब यह दोबारा सक्रिय होगा, तो इसकी तीव्रता और प्रभावशीलता कितनी रहेगी।

बदलते मौसम का जनजीवन पर असर

अचानक बारिश और उसके बाद बढ़ने वाली उमस भरी गर्मी से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने वायरल फीवर, त्वचा में संक्रमण और पेट संबंधी समस्याओं से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

धान की फसल के लिए बीते दिन हुई बारिश बेहद फायदेमंद साबित हुई है। हालांकि, अब मानसून पर ब्रेक लगने से किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और बिजली पर निर्भर रहना पड़ेगा।
दैनिक दिनचर्या

उमस बढ़ने के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम रहने की संभावना है। बिजली की मांग में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।