जागरण संवाददाता, करनाल : गांव सलारपुर में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला मंगलवार को उस समय गहरा गया जब स्वजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। वे आरोपित ससुरालजनों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे, जिसके चलते पुलिस की सांसे भी दोपहर बाद तक फूली रही। डीएसपी रामदत्त मौके पर पहुंचे और उन्होंने जब सभी आरोपितों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया तो वे शांत हुए और शव लेकर रवाना हुए। इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।

बता दें कि कैथल जिले के गांव चंदलाना निवासी उषा की शादी करीब 6 साल पूर्व गांव सलारपुर वासी विनोद के साथ हुई थी। सोमवार को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हालांकि ससुरालजनों ने इसे आत्महत्या करार दिया था। वहीं मंगलवार को मोर्चरी हाउस पर पहुंचे मृतका के भाई हंसराज के अलावा सुनील कुमार, गोपी राम, जयचंद, कुलदीप व अनिल कुमार आदि ने आरोप लगाए कि उषा की ससुरालजनों ने ही दहेज के लालच में हत्या की जबकि इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। इसमें उसके पति, ससुर, ननंद सहित अन्य ससुरालजन भी शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने महज मृतका के आरोपित पति को की हिरासत में लिया जबकि अन्य को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपित गिरफ्तार नहीं किए जाएंगे वे शव नहीं लेंगे। उन्हें कुंजपुरा थाना एसएचओ मुनीष कुमार ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद करीब डेढ़ बजे डीएसपी रामदत्त मौके पर पहुंचे और उन्होंने भरोसा दिया कि मामले की गहनता से छानबीन की जाएगी और किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपित पति को हिरासत में भी ले लिया गया है। इसके बाद स्वजन शव लेकर रवाना हुए। उधर ससुरालपक्ष के लोगों ने सभी आरोपों को निराधार करार दिया।

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साहब, एक बहन पहले खो चुका अब दूसरी

मृतका के भाई हंसराज ने डीएसपी के समक्ष हाथ जोड़कर फफकते हुए गुहार लगाई कि साहब मैं छह बहनों का भाई हूं। एक बहन की इसी तरह पहले मौत हो चुकी है और अब दूसरी के साथ भी ऐसी घटना हुई। बहन से उसके ससुरलजन कभी बाइक की मांग करते तो कभी दुकान करने के लिए पैसे की। वे किसी न किसी तरह कई मांग पूरी करते रहे, लेकिन आरोपित ससुरालजन शांत नहीं हुए। अब मुझे इंसाफ चाहिए। पुलिस 24 घंटे में भी आरोपित पति के अलावा किसी को काबू नहीं कर पाई है। डीएसपी ने उन्हें भरोसा दिया कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।

Edited By: Jagran