जागरण संवाददात, करनाल :

उपायुक्त डा. आदित्य दहिया ने बताया कि स्किल इंडिया को बढ़ावा देने के दृष्टिगत सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। इन योजनाओं को संबंधित व्यक्ति या कामगार तक पहुंचाने के लिए श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। योजनाओं को जिला स्तर पर प्रभावी ढ़ंग से लागू किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा जिला के कामगारों (चिनाई मिस्त्री, मजदूर, पलंबर, बढ़ई, पेंटर इत्यादि) का पंजीकरण करते हुए इन सभी योजनाओं का संबंधित को सीधा लाभ दिया जा रहा है। उपायुक्त के अनुसार करनाल में अब तक करीब 45 हजार कामगार पंजीकृत हैं। कामगारों के कल्याण के लिए चलाई गई बड़ी योजनाओं में से एक योजना के तहत सरकार द्वारा पंजीकृत कामगार की कार्य स्थल पर मृत्यु हो जाने पर मृतक के आश्रितों व परिवार के सदस्यों को पांच लाख रूपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए कामगार का पंजीकरण, दुर्घटना से संबंधित एफआइआर की कॉपी, मृतक कामगार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा मृत्यु प्रमाण-पत्र अनिवार्य है, यही नहीं पंजीकृत कामगार की साधारण मृत्यु होने पर एक लाख रुपये तक की सहायता राशि आश्रितों व परिवार के सदस्यों को प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त अपंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर एक लाख रुपये तक की सहायता राशि परिवार को दी जाती है।

उन्होंने आगे बताया कि एक साल से अधिक की नियमित सदस्यता वाले कामगार को साईकिल की खरीद के लिए तीन हजार रुपये तथा टूल किट खरीदने के लिए पांच हजार रूपये तक की मदद बोर्ड द्वारा तीन वर्ष में एक बार दी जाती है। इसी प्रकार पंजीकृत महिला कामगारों को कल्याण बोर्ड द्वारा बच्चे के जन्म पर 36 हजार रुपये मातृत्व लाभ के रुपये में दिए जाते हैं जिनमें 30 हजार रुपये प्रसूति लाभ तथा छह हजार रुपये स्वास्थ्यव‌र्द्धक खाद्य पदार्थो के लिए दिए जाते हैं। बोर्ड द्वारा महिला कामगारों को 3500 रूपये सिलाई मशीन हेतू भी सहायतार्थ दिए जाते हैं।

हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सहायक निदेशक मनीष मेहरा ने उपरोक्त जानकारी को सही बताते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा तीन साल से अधिक की नियमित सदस्यता वाले कामगार को 60 वर्ष आयु पूर्ण करने पर एक हजार रुपये प्रति माह तथा पंजीकृत पेंशनभोगी कामगार की मृत्यु हो जाने पर 500 रुपये प्रति माह उसकी पत्नी/पति को पेंशन राशि दी जाती है। उक्त पेंशन राशि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के द्वारा दी जाने वाली पेंशन के अतिरिक्त दी जाती है।

सहायक निदेशक ने यह भी बताया कि बाल श्रम व बंधुआ मजदूरी को रोकने के लिए भी कल्याण बोर्ड द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है।

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Posted By: Jagran