अनिल भार्गव, निसिग

प्रदेश में उत्तम किस्म के पशुधन के प्रति पशुपालक किसानों को आकर्षित कर श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन विभाग हरियाणा के प्रत्येक जिले में पशुधन प्रतियोगिता होगी। उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के पालकों को एक लाख से अधिक का इनाम दिया जाएगा। उपनिदेशक करनाल डॉ. राजबीर सिंह वत्स और विभाग के मीडिया प्रभारी वीएस डॉ. तरसेम राणा ने बताया कि मेले में पहुंचने वाले पशुओं को 16 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले पशुओं के मालिक को नकद इनाम दिया जाएगा। 48 किसानों को पुरस्कार के अलावा प्रत्येक श्रेणी के दो किसानों को सांत्वना पुरस्कार मिलेगा। प्रतिस्पर्धा में एक श्रेणी जिला की गोशालाओं के दुधारू और गैर दुधारू पशुओं के बीच होगी।

उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक जिला में पशु मेला आयोजित कर पशुपालकों को प्रोत्साहित कर पशुधन को बढ़ावा देकर उनकी आय में वृद्धि से है। इससे किसानों की पशुपालन की तरफ रुचि बढ़ने से प्रदेश में घटती पशुओं की संख्या पर अंकुश लगेगा। जिला स्तरीय मेलों के आयोजन से किसानों को अपने पशुओं को दूरदराज में लगने वाले मेलों में जाने के लिए अधिक किराया खर्च नहीं करने पड़ेगा। वहीं सफर में तेज हवा से पशु के बीमार होने का अंदेशा भी खत्म होगा। इससे पहले पशु मेला प्रदेश स्तर पर होता था। करनाल में 15 को लगेगा पशुमेला

वीएस डॉ. तरसेम ने बताया कि करनाल के सेक्टर-33 में 15 नवंबर को पशु मेला लगेगा। इसका शुभारंभ डीसी करनाल विनय प्रताप सिंह करेंगे। मेले में मुख्य रूप से विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील कुमार गुलाटी और महानिदेशक डॉ. ओपी छिकारा शिरकत करेगें। वहीं, मेयर करनाल रेणु बाला गुप्ता भी मेले में अपनी उपस्थिति होंगी। मेले में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

पशु मेले में शामिल होने के लिए सर्वप्रथम अपने पशु को चिह्नित करें। उसके बाद अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में पशु का रजिस्ट्रेशन कराकर प्रमाण पत्र जरूर लें, जिसमें पशु और पशुपालक संबंधित पूर्ण जानकारी शामिल होगी। यदि पशु को टैग नहीं लगा है तो मौके पर टैग लगाकर बीमा भी किया जाएगा। पशुपालक चिह्नित पशुओं का सर्टीफिकेट 14 नवंबर से पहले तैयार करवा ले। 15 को एक दिवसीय पशु मेला सुबह आठ से चार बजे तक लगेगा। मेले में हजारों पशु पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। मेले में ये पशु रहेंगे शामिल

मेले में मुर्राह भैंस, देसी गाय, विदेशी गाय, भेड़, बकरी, सूअर की विभिन्न कैटेगरी के पशुओं मेंप्रतियोगिता रहेगी। वैज्ञानिक किसान गोष्ठी का भी आयोजन होगा। किसान पशुपालन, उनके रखरखाव और बीमारियों संबंधित जानकारी अर्जित कर सकेंगे। मेले में पहुंचने वाले पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

Posted By: Jagran

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