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करनाल: 103 करोड़ के 9 मेगा प्रोजेक्ट्स ने पकड़ी रफ्तार, 8 सड़कें बनेंगी स्मार्ट, 3 पार्कों का होगा कायाकल्प

Published: Mon, 14 Sep 2026 09:29 AM (IST)

करनाल में 103 करोड़ रुपये के 9 विकास प्रोजेक्टों ने रफ्तार पकड़ी है, जिनका उद्देश्य सड़क, जल निकासी और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

करनाल में 103 करोड़ के 9 विकास प्रोजेक्टों से बदलेगी शहर की तस्वीर।

करनाल में 103 करोड़ के 9 विकास प्रोजेक्टों से बदलेगी शहर की तस्वीर।

HighLights

  1. 103 करोड़ रुपये के 9 विकास प्रोजेक्टों की समीक्षा

  2. सड़क, जल निकासी और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

  3. निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने गुणवत्ता, समय-सीमा पर जोर दिया

जागरण संवाददाता, करनाल। शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर निगम ने बड़े प्रोजेक्टों की निगरानी तेज कर दी है।

निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने कैंप कार्यालय में निगम के कार्यकारी अभियंताओं और सहायक अभियंता के साथ बैठक कर करीब 103 करोड़ 92 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली नौ महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य की गति, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी ली। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बड़े विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आउटर बाईपास का 55 प्रतिशत काम पूरा, 30 नवंबर तक लक्ष्य

मेरठ रोड से शहीद उधम सिंह चौक तक बन रहे आउटर बाईपास रोड का करीब 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पर करीब 792.31 लाख रुपये खर्च होंगे।

निगमायुक्त ने अधिकारियों को कार्य की गति बढ़ाकर 30 नवंबर तक परियोजना हर हाल में पूरी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

स्टार्म वाटर सिस्टम में आएगी आधुनिक तकनीक

शहर के स्टार्म वाटर डिस्पोजल सिस्टम और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए प्रस्तावित स्काडा सिस्टम परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है तथा टेंडर फ्लोट करने की प्रक्रिया जारी है।

करीब 2282 लाख रुपये की इस परियोजना की आगामी प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि शहर की जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके।

पुरानी अनाज मंडी कमर्शियल स्पेस का 80 प्रतिशत काम पूरा

पुरानी अनाज मंडी में बन रहे कमर्शियल स्पेस का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3008 लाख रुपये है। 31 अक्टूबर तक परियोजना पूर्ण करने का समय दिया गया है।

आठ सड़कें बनेंगी स्मार्ट रोड

बजट घोषणा के तहत राइट आफ वे परियोजना के अंतर्गत शहर की आठ महत्वपूर्ण सड़कों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 2402 लाख रुपये खर्च होंगे।

इनमें प्रेम प्लाजा से माल रोड-अहिल्याबाई मार्ग, विक्रम मार्ग से रेलवे रोड, विश्राम गृह से तलवार चौक (सैशन मार्ग), डीएवी स्कूल, कालेज रोड, मीनार रोड से सैनी भोजनालय होते हुए डीसी आवास तक, पुराने बस स्टैंड के पीछे वाली सड़क, रेलवे रोड पर जिला पुस्तकालय से गुरु नानक खालसा कालेज तक नाले का निर्माण तथा सुभाष कालोनी स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से माल रोड तक की सड़क शामिल हैं।

प्रमुख सड़कों पर लगेंगी आधुनिक डेकोरेटिव लाइटें

मीनार रोड और रेलवे रोड के बीच की विभिन्न सड़कों तथा सैशन मार्ग से पुराने बस स्टैंड तक डेकोरेटिव पोल और आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने की परियोजना की भी समीक्षा हुई।

इस पर करीब 501.48 लाख रुपये खर्च होंगे। निगमायुक्त ने डिजाइन, रोशनी की पर्याप्तता, गुणवत्ता और रखरखाव की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। रेलवे रोड स्थित जिला पुस्तकालय के नवीनीकरण का करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

खास जरूरत वाले और दिव्यांग बच्चों के लिए शहर के तीन बड़े पार्कों को अल्ट्रा माडर्न पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 182.93 लाख रुपये खर्च होंगे। कर्ण कैनाल फेज-2 में एएम पीएम स्टोर से होंडा शोरूम तक बिटूमिन सड़क के निर्माण का करीब 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। करीब 640.45 लाख रुपये की यह परियोजना है।

मदनपुर टी-प्वाइंट से दहा तक 85 प्रतिशत काम पूरा

मदनपुर टी-प्वाइंट से वाया बजीदा ड्रेन गांव दहा तक सड़क निर्माण का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना की लागत करीब 284.78 लाख रुपये है।

निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि ये परियोजनाएं करनाल के भविष्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इनके पूरा होने से सड़क व्यवस्था, जल निकासी, नागरिक सुविधाओं, सार्वजनिक स्थलों, शहर के सुंदरीकरण और समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी।