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करनाल में डरा रहा स्वाइन फ्लू! 7 दिन में 33% बढ़े मरीज, अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:03 PM (IST)

करनाल में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, पिछले 7 दिनों में 9 नए मरीज सामने आने ...और पढ़ें

बदलते मौसम के साथ करनाल में स्वाइन फ्लू का प्रकोप।

बदलते मौसम के साथ करनाल में स्वाइन फ्लू का प्रकोप।

HighLights

  1. सात दिन में स्वाइन फ्लू के नौ नए मामले सामने आए

  2. कुल मरीजों की संख्या बढ़कर अब 36 तक पहुंच गई है

  3. कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए

जागरण संवाददाता, करनाल। बदलते मौसम के असर के बीच करनाल जिले में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ सात दिन में जिले में स्वाइन फ्लू के नौ नए मामले सामने आए हैं।

6 सितंबर तक मरीजों की संख्या 27 थी, जो 13 सितंबर तक बढ़कर 36 हो गई। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सिर्फ एक हफ्ते में मरीजों की संख्या में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। मगर अस्पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पिछले 10 दिनों में 6 और पिछले एक महीने में 15 मामले सामने आए हैं।

संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं जिला नागरिक अस्पताल में दो आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।

लक्षण दिखें तो न बरतें लापरवाही

स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। उप सिविल सर्जन (मलेरिया) डा. अनु शर्मा ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लेने की अपील की है।

सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। उन्होंने खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने को

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कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं।

समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।

सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।