हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की मीटिग में लिया गया निर्णय

जागरण संवाददाता, करनाल

हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की मीटिग में आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि सात अप्रैल तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आठ अप्रैल से मंडियों में तौल बंद कर दिया जाएगा। बैठक का आयोजन जिला प्रधान रजनीश चौधरी ने किया। मीटिग में सरकार की खरीद नीति का विरोध जताया गया। आढ़तियों ने एक सुर में कहा कि जो नियम प्रदेश सरकार ने बनाए है, उनके चलते तो गेहूं की खरीद ही असंभव हो जाएगी। शहर के एक निजी होटल में हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि आने वाले सीजन में गेहूं का भुगतान आढ़ती के माध्यम से किसानों की इच्छानुसार होना चाहिए। सरकार आढ़ती-किसान विरोधी निर्णय लेकर तानाशाही पूर्व निर्णय लेने पर तुली है।

उन्होंने कहा कि धान सीजन 2020-21 में बहुत से आढ़तियों व किसानो का करोड़ों रुपये का भुगतान विभाग की गलती से गलत खातों में चला गया है। सरकार सभी फसलें आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदें

एसोसिएशन ने कहा कि सभी फसलों की खरीद आढ़तियों के माध्यम से हो। सरसों, सूरजमुखी, कॉटन, मुंगफली और मक्का आदि फसलों की खरीद पूर्णत: आढ़तियों के माध्यम से हो, ना कि पिछले सालों की तरह हैंडलिग एजेंट बनाए जाए। हरियाणा के कुछ किसानों की जमीन सीमावर्ती प्रदेश में है और सीमावर्ती प्रदेश के किसान की जमीन हरियाणा में है, तो उनको भी पोर्टल पर रजिस्टर्ड किया जाए। यदि ऐसा नहीं करते तो किसानों को फसलों की खरीद मुश्किल हो जाएगी।

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