जागरण संवाददाता, करनाल : पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज का शिकार हुए आइटीआइ स्टाफ ने न्यास की मांग करते हुए सोमवार को कैंडल मार्च निकाला। मार्च में स्टाफ का साथ सर्व कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने दिया। स्टाफ ने कहा कि पुलिस ने मानवता की तमाम हदें पार करते हुए लाठीचार्ज किया। अब उनकी मांग है कि इस मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करे और उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।

स्टाफ के सदस्यों ने कहा कि पुलिस बिना इजाजत के एक शिक्षण संस्थान में दाखिल होती है और उसके बाद बेरहमी से स्टाफ पर लाठियां चलाती है। इसके बाद भी इन पुलिस कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंहमार ने कहा कि इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि सरकार का पुलिस पर नियंत्रण नहीं है। सरकार इस पूरे मामले में पूरी तरह से मौन हैं। स्टाफ और विद्यार्थियों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया। जबकि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस पर कार्यवाही करने की बजाए उलटा छात्रों पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उनकी मांग है कि निर्दोष छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं। लाठीचार्ज करने वाले कर्मचारियों पर तुरंत कार्यवाही हो। कर्मचारी नेता कृष्ण चंद शर्मा ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई नहीं होने आंदोलन को तेज किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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