संवाद सूत्र, निसिग (करनाल): इटली के बजाय एक युवक को यूक्रेन के जंगल में छोड़ दिया और पासपोर्ट जला दिया। इस वजह से उसे जेल भी काटनी पड़ी। आखिरकार इमरजेंसी पासपोर्ट पर युवक किसी तरह लौट पाया। पुलिस ने एक ही परिवार के तीन लोगों सहित चार आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव प्यौंत वासी लखविद्र कौर ने बताया कि वह अपने बेटे दीप सिंह को विदेश भेजना चाहती थीं। उनकी मुलाकात बलदेव सिंह, यादवेंद्र, भूपेंद्र और प्रवीन कौर से हुई। उन्होंने उसे 12 लाख रुपये में इटली भेजने का भरोसा दिया। राशि देने के बाद दीप सिंह के दस्तावेज लिए और उसे इटली भेजने के लिए ले जाया गया, लेकिन उसे अवैध तरीके से रूस का बॉर्डर पार कराकर यूक्रेन के जंगल में छोड़ दिया। वहां से इटली ले जाने के लिए फिर एक लाख रुपये की मांग की। यह राशि दिए जाने के बाद उसका जंगल में किसी एजेंट से पासपोर्ट जलवा दिया और दस्तावेज नहीं मिलने पर जेल में डाल दिया। उनके पास सूचना पहुंची तो उन्होंने किसी तरह इमरजेंसी पासपोर्ट बनाया और उसे जेल से छुड़वाया। इसके बाद आरोपितों से राशि वापस मांगी तो धमकी दी जाने लगी। पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी : एसएचओ

एसएचओ रामफल ने बताया कि शिकायत के आधार पर फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है। तमाम पहलुओं से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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