जागरण संवाददाता, करनाल : कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल का व्यापक असर जिला सचिवालय में देखने को मिला। सप्ताह के पहले वर्किंग डे पर लोग अपने जरूरी कामकाज पूरे करने के लिए सचिवालय पहुंचे तो उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। हड़ताल का प्रभाव यह रहा कि ई दिशा केंद्र, सीएम ¨वडो व तहसील की खिड़की भी नहीं खुली। यहां ताला लगाकर देखकर लोग अचंभित हो गए। जानकारी के लिए एसी रूम में बैठे अधिकारियों के पास गए, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं मिला। अलबत्ता थक हारकर यह लोग वापस अपने घरों की ओर चल दिए। कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल का पता होने के बावजूद प्रशासन ने ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया, जिससे जनसेवाओं को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

सोमवार को कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के आह्वान पर जिले के सरकारी महकमों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर पंचकूला में जारी पड़ाव में भाग लेने के लिए रवाना हो गए। इनकी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर जिला सचिवालय में सामने आया। ई दिशा, सीएम ¨वडो व तहसील की खिड़की पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और यहीं पर ताला लटका मिलने से लोगों को मायूसी हुई। प्रशासन की ओर से ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया कि ऑपरेटर के हड़ताल पर जाने के बाद रूटीन के कामकाज पर असर न पड़े। लोग परेशानी में सचिवालय में घूमते रहे और किसी ने उन्हें यह भी जानकारी नहीं दी कि आखिर आज फलां खिड़की बंद क्यों है।

डेस्क पर भी नहीं मिली हेल्प

सचिवालय के अंदर लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यहां नियुक्त कर्मचारी भी कंप्यूटर ऑपरेटर है। वह भी हड़ताल पर चला गया। ऐसे में हेल्प डेस्क पर भी लोगों को कोई मदद नहीं मिली। यहां प्रतिदिन अलग-अलग विभागों का पता पूछने या फार्म भरने के लिए 300 लोग आते हैं।

नहीं बनी आरसी व डीएल

ई दिशा केंद्र में प्रतिदिन एक हजार लोगों का अलग-अलग काम से आवागमन होता है। हर रोज करीब 250 आरसी व इतने ही डीएल बनते हैं। राशन कार्ड व वाहन की नंबर प्लेट सहित अन्य कार्यो के लिए लोग यहां आते हैं। सोमवार को इनमें से एक भी कार्य नहीं हो सका।

सीएम ¨वडो पर नहीं ली शिकायत

सीएम ¨वडो पर प्रतिदिन करीब 25 शिकायत आती हैं। किसी ना किसी समस्या से दुखी होकर लोग यहां इस उम्मीद से आते हैं कि उनकी सुनवाई होगी। लेकिन सोमवार को उनकी शिकायत पकड़ने वाला ही कोई नहीं था। ना ही उन्हें किसी ने यह बताया कि आज सीएम ¨वडो बंद क्यों है।

Posted By: Jagran