जागरण संवाददाता, करनाल: जिले से लोग लापता हो रहे हैं। इसमें युवक, युवतियों के साथ शादीशुदा भी हैं। थानों में दिन-ब-दिन शिकायतें बढ़ रही हैं। नए साल में 12 मामले पहुंच चुके हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 700 था। 2018 में 850 लोग थे, इनमें 13 बच्चे शामिल थे। आंकड़ों के अनुसार हर माह 70 हैं। नववर्ष में ही स्थिति और चिंताजनक

साल की शुरुआत में ही लापता लोगों की चिताजनक है। सेक्टर चार में रहने वाली कुरुक्षेत्र की ग्रामीण महिला ने बताया कि उसकी बेटी तीन जनवरी से लापता है। जुंडला के समीपवर्ती गांव के व्यक्ति के मुताबिक उसकी बेटी दो जनवरी को घर से ही लापता हो गई। मधुबन क्षेत्र के गांव से भी दो दिन पहले खेतों में गई एक युवती नहीं लौटी तो तरावड़ी वासी एक युवती भी एक जनवरी को लापता हो गई। यही नहीं कुंजपुरा रोड स्थित एक गांव से विवाहिता चार दिन पहले ही 45 हजार की नकदी, जेवरात और पहचान पत्र के साथ लापता हो गई तो वहीं एक अन्य गांव से भी दो जनवरी को एक विवाहिता कपड़े और अन्य सामान सहित लापता हो गई तो इंद्री खेत्र के गांव से भी एक विवाहिता तीन बच्चों के साथ घर से निकल गई। यहीं नहीं तरावड़ी व घरौंडा क्षेत्र के भी एक-एक गांव से दो लोग लापता हो गए जबकि हांसी रोड से भी एक व्यक्ति लापता हो चुका है। लापता को ढूंढने में जुटी पुलिस: एसपी

एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि पुलिस लापता हुए हर व्यक्ति को ढूंढने के लिए गंभीर है। कई बार लोग कई दिनों बाद किसी अपने के गुम हो जाने की सूचना देते है जबकि यह सूचना समय रहते दी जाए तो लापता हुए व्यक्ति को जल्द ढूंढा जा सकता है।

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