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करनाल में फुटपाथों से हटेगा अवैध कब्जा, राहगीरों को मिलेगी सुरक्षित राह

Published: Thu, 02 Jul 2026 03:18 PM (IST)

नगर निगम करनाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और दैनिक जागरण के अभियान के बाद फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने और मरम्मत करने का विस्तृत प्लान तैयार किया है।

करनाल के फुटपाथों पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई।

करनाल के फुटपाथों पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई।

HighLights

  1. नगर निगम करनाल ने फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का विस्तृत प्लान बनाया

  2. दैनिक जागरण के 'ये फुटपाथ हमारा है' अभियान का बड़ा असर

  3. सर्वे के बाद अवैध कब्जे हटेंगे, टूटे फुटपाथों की मरम्मत होगी

जागरण संवाददाता, करनाल। शहर के फुटपाथों पर कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ आखिरकार नगर निगम का डंडा चलने को तैयार है। दैनिक जागरण द्वारा प्रमुखता से चलाए गए विशेष अभियान ये फुटपाथ हमारा है का बड़ा असर देखने को मिला है।

इस मुहिम ने न केवल प्रशासन की नींद तोड़ी, बल्कि शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर पैदल चलने वालों के मौलिक अधिकारों की आवाज को भी बुलंद किया। अब सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए नगर निगम ने शहर के तमाम फुटपाथों को कब्जा-मुक्त करने और टूटे हुए रास्तों को सुधारने के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर लिया है।

पैदल चलने वालों का दर्द आया था सामने

दैनिक जागरण ने अपने अभियान के माध्यम से शहर के प्रमुख रास्तों, जैसे रेलवे रोड, कुंजपुरा रोड, और मॉल रोड की जमीनी हकीकत उजागर की थी। रिपोर्ट में दिखाया गया था कि किस तरह दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान फुटपाथों पर सजा रखा है, कहीं रेहड़ी-फड़ी वालों का राज है, तो कहीं अवैध पार्किंग के कारण फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं।

स्थिति इतनी बदतर थी कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा था, जिससे लगातार हादसे हो रहे थे। जागरण की इस मुहिम को जनता का भी भारी समर्थन मिला।

अब होगा आर-पार का सर्वे

उच्चतम न्यायालय के सख्त रुख के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर जमीन पर उतरने का फैसला किया है। निगम की टीम शहर के उन सभी हिस्सों का वार्ड-वाइज सर्वे करने जा रही है, जहां फुटपाथों की स्थिति दयनीय है। कहां-कहां स्थायी या अस्थायी रूप से दुकानें या रेहड़ियां लगाई गई हैं, उनकी सूची बनेगी। जहां फुटपाथ टूटे हैं, पेवर ब्लॉक उखड़े हैं या नालों के ढक्कन गायब हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।

शहर में यहां है फुटपाथों का सबसे बुरा हाल

रेलवे रोड : दुकानों का सामान फुटपाथ से आगे सड़क तक फैला रहता है।
कुंजपुरा रोड: कमर्शियल हब होने के कारण फुटपाथों पर वाहनों की अवैध पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। - कमेटी चौक से महात्मा गांधी चौक : संकरे रास्तों पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने फुटपाथों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है।
सेक्टर-12 और प्रशासनिक क्षेत्र: यहां कई जगहों पर पेवर ब्लाक टूटे होने के कारण फुटपाथ चलने लायक नहीं बचे हैं।

सख्त कार्रवाई के लिए हम तैयार

इस पूरे मामले को लेकर जब नगर निगम के एसीएमसी अशोक कुमार ने बताया कि शहर के फुटपाथों पर पहला हक राहगीरों का है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत हम एक व्यापक प्लान पर काम कर रहे हैं। शहर के सभी मुख्य मार्गों का सर्वे शुरू कराया जा रहा है ताकि चिन्हित किया जा सके कि कहां फुटपाथ टूटे हैं और कहां अतिक्रमण है।

सर्वे रिपोर्ट आते ही टूटे फुटपाथों को ठीक कराया जाएगा। जो लोग चेतावनी के बाद भी फुटपाथों से कब्जा नहीं हटाएंगे, उनका सामान जब्त कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।