जागरण संवाददाता, करनाल : लगातार सुर्खियों में बने हाईप्रोफाइल दुष्कर्म-हनी ट्रैप मामले में नित नए मोड़ आ रहे हैं। एसआइटी अब इस मामले की जांच कैथल के एसपी की निगरानी में करेगी। जांच एक माह में पूरी करके इसकी रिपोर्ट आइजी भारती अरोड़ा को देनी होगी। आइजी ने सोमवार को इस बाबत कैथल के एसपी शशांक कुमार सावन को आदेश जारी किए हैं। वहीं, महिला पक्ष के वकील ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर तमाम सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि करनाल के एसपी एसएस भौरिया ने रविवार को ही आइजी भारती अरोड़ा को पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मामले की जांच किसी अन्य जिला पुलिस से करवा ली जाए, जिसमें करनाल पुलिस पूरा सहयोग करेगी। एसपी ने बातचीत में स्पष्ट किया था कि हालांकि आज तक महिला ने किसी प्रकार से मामले की जांच पर सवाल नहीं उठाए और न ही उन्होंने किसी अन्य एजेंसी से जांच की मांग की लेकिन करनाल पुलिस मामले की किसी भी जांच एजेंसी से कराने को लेकर भरपूर सहयोग को तैयार है। करनाल पुलिस ने अब तक जो भी जांच की है, वह सही व बिना किसी भेदभाव की है, लेकिन हालात अब ऐसे बन चुके हैं, जिसके चलते उन्होंने दूसरे जिले की पुलिस से जांच कराने को लेकर पत्र लिखा।

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मामले की होगी गहनता से जांच : आइजी

आइजी भारती अरोड़ा का कहना है कि मामले की जांच एसपी कैथल को सौंप दी गई है। जांच एसआइटी द्वारा गहनता से की जाएगी। किसी पक्ष से भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। वहीं मामले को लेकर महिला की ओर से फिलहाल किसी प्रकार के नए आरोपों को लेकर उन्हें शिकायत नहीं दी गई है।

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8 जुलाई को सामने आया था मामला

8 जुलाई को सामूहिक दुष्कर्म का चर्चित मामला सामने आया था, जिसमें प्रताप स्कूल की कर्मी रही पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल संचालक अजय भाटिया के अलावा तहसीलदार के खिलाफ केस दर्ज किया था तो वहीं स्कूल संचालक की ओर से भी महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिग करने का केस दर्ज कराया गया था। एसपी ने अगले ही दिन डीएसपी जगदीप दून व राजीव कुमार के नेतृत्व में दो अलग-अलग एसआइटी गठित की थीं, जो अभी जांच में लगी थीं। वहीं महिला आयोग सदस्य नम्रता गौड़ 16 जुलाई को जांच के लिए करनाल पहुंची थी। इस दौरान दुष्कर्म पीड़िता आयोग के सामने नहीं आई थी। वहीं 21 अगस्त को महिला को दुष्कर्म के मामले में समझौता करने को लेकर सात लाख 25 हजार रुपये लेने के आरोप में पुलिस ने रंगे हाथ काबू किया था। इस मामले में महिला व उसके पति जमानत पर हैं।

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विधायक के बेटे पर भी संगीन आरोप

लगातार सुर्खियों में बने इस मामले के सियासी तार भी जुड़े हैं। विधायक धर्मपाल गोंदर के बेटे शिवकुमार पर महिला बाकायदा ऑडियो जारी करके उसे भरोसा देकर ट्रैप में फंसवाने के गंभीर आरोप लगा चुकी है तो वहीं ऑडियो में पुलिस के पास भी 25 से 30 लाख रुपये पहुंच जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसी के बाद पुलिस महकमे में हलचल मची तो अब एसपी ने आईजी को जांच किसी अन्य जिले की पुलिस से कराने को लेकर आइजी को पत्र भेज दिया।

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करनाल के एसपी पर पूरा भरोसा : एडवोकेट

महिला पक्ष के एडवोकेट भूपिद्र सिंह राठोर का कहना है कि उन्हें करनाल के एसपी एसएस भौरिया पर पूरा भरोसा था कि वह पीड़िता को न्याय दिलाएंगे लेकिन अब ऐसा संभव नहीं लगता। महिला ने कभी केस ट्रांसफर करने की मांग नहीं की थी और न ही आज तक इस तरह केस ट्रांसफर किए गए। पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है।

Edited By: Jagran