जागरण संवाददाता, करनाल : उच्चतर शिक्षा विभाग के नए-नए प्रयोग कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों पर भारी पड़ रहे हैं। कॉलेजों को कैशलेस एवं ऑनलाइन एडमिशन की योजना ध्वस्त हो चुकी है। इस सत्र में शुरू की गई ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया में 8 जून से विद्यार्थी अपनी जेबें कटवा रहे हैं। तीन आवेदन करने वाले विद्यार्थियों ने विभाग के खाते में रुपये तो जमा करा दिए, लेकिन दाखिला नहीं मिला। कॉलेज प्रांगण में विद्यार्थियों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं। पहली कटऑफ के अनुसार मजबूरन दाखिले लेने वाले विद्यार्थी को अब इच्छा के कॉलेज में दाखिला लेने के लिए दोबारा से हजारों रुपये फीस जमा करानी होगी। पहले से जमा फीस में कटौती कर लौटाई जाएगी। अतिरिक्त आवेदन की फीस भी ऑनलाइन पोर्टल हजम कर चुका है। अभी तक नहीं मिला दाखिला

सुमन रानी ने बताया कि 76 फीसद अंक हासिल करने के बावजूद दाखिला नहीं मिला है। तीन आवेदनों पर एक हजार रुपये से अधिक खर्च किए थे। इसके बावजूद मेरे साथ कम अंक वाली छात्राओं को दाखिला मिल गया है। पहली कटऑफ में केवीएडीएवी में दाखिला मिला था, लेकिन मुझे दयाल सिंह कॉलेज में दाखिला लेना है। शिक्षकों की सलाह और करियर की चिता के कारण दाखिला तो ले लिया अब इच्छा के कॉलेज में आने के लिए दोबारा फीस जमा करानी होगी। अधिवक्ता सुखबीर त्यागी ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन प्रणाली के नाम पर केवल विद्यार्थियों का शोषण किया जा रहा है। अच्छे अंक लेकर भी महंगी शिक्षा पाने को विद्यार्थी मजबूर हैं। करियर के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है और विभाग के प्रयोग छात्रों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। नए विद्यार्थियों के लिए दो दिन का अभिविन्यास

प्रयोगों की श्रृंखला में उच्चतर शिक्षा विभाग ने नए विद्यार्थियों को कॉलेज के नियम समझाने के लिए प्राचार्यों को पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार 16 और 17 जुलाई को विद्यार्थियों को नियमों के बारे जागरूक किया जाएगा। हाजिरी से लेकर शिक्षा संबंधित किसी भी शिकायत के लिए कक्षाओं में इसकी जानकारी दी जाएगी। दयाल सिंह कॉलेज के प्रिसिपल डा. चंद्रशेखर भारद्वाज ने बताया कि ग्रेजुएट कोर्स के लिए 16 जुलाई से नए सत्र की कक्षाएं शुरू की जानी है। स्कूल से कॉलेज लाइफ में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को नए माहौल से रूबरू कराया जाएगा। दाखिलों की प्रक्रिया अभी चल रही है। 16 जुलाई के बाद विद्यार्थियों की समस्याओं को हल किया जा सकेगा। अधिकारियों को सौंपा जा चुका ज्ञापन

आइएनएसओ (इनसो) जिला अध्यक्ष राहुल तोमर ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से जारी की गई पहली कटऑफ में तकनीकी खमियों के बाद दूसरी सूची में भी खमियों को सुधारा नहीं गया। फीस वृद्धि के साथ-साथ आवेदन के समय भी विद्यार्थियों की जेबों से उच्चतर शिक्षा विभाग ने राशि निकाल ली। ऑनलाइन फीस के नाम पर विद्यार्थियों से राशि जमा तो करा ली गई, लेकिन दाखिले के लिए अभी तक युवाओं को भटकना पड़ रहा है। पूर्व में छात्र संघ के सदस्यों ने रोष जताया था और शिक्षा विभाग के अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था।

Posted By: Jagran

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