जागरण संवाददाता, करनाल : डेढ़ घंटे की बरसात ने जल निकासी के नगर निगम के तमाम दावों की पोल खोल दी। बरसात से पहले निगम ने सीवरेज व नालों की सफाई पर 2.78 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि खर्च की गई। दावा किया था कि इस बार जलभराव नहीं होगा। शनिवार सुबह हुई बरसात को सीवर और नाले नहीं झेल पाए। पानी निकासी ठप हो गई। इससे शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई, लोगों की गाड़ियां गड्ढों में गिर गई। शहर को कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं बचा जहां पर पानी जमा ना हुआ हो। शहर में जलभराव की समस्या दशकों पुरानी है। हर बार जलनिकासी अच्छी होने का दावा किया जाता है। लेकिन बरसात आते आते ही यह दावे पानी में बह जाते हैं।

बसंत विहार में लोग घरों में कैद

पहले से हल्की बरसात से कीचड़ से सनी बसंत विहार की गलियां पानी से लबालब हैं। शनिवार को हुई बरसात से अधिकतर जगह पर जलभराव हो गया।

जलभराव की वह जगह जहां पर निगम ने 100 फीसद सफाई पूरी होने का किया था दावा

- बस स्टैंड, सेक्टर-13, सेक्टर-13 एक्सटेंशन, न्यू हाउसिग बोर्ड, माल रोड, मीनार रोड, न्यायपुरी, अंबेडकर चौक, बस स्टैंड, घंटाघर चौक, पुरानी सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन, सेक्टर-9, सेक्टर-08, सेक्टर-8 पार्ट टू, सेक्टर-6, सेक्टर-12, 13 व 14, मॉडल टाउन एरिया में निगम ने सभी सीवरेज व नालों की सफाई दुरुस्त होने का दावा किया था, लेकिन इन जगहों पर जलभराव यहां की सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी था।

इस बार क्यों तकलीफदेह हैं यह हालात

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स्पेशल मशीन मंगाई गई

सीवरेज की सफाई के लिए डेढ़ करोड़ रुपए कीमत की सुपर सक्षण किराये पर ली। इस पर 80 लाख रुपये खर्च किए गए। दावा था कि मशीन से सीवर बहुत अच्छे से साफ हो जाएंगे। इससे जलभराव नहीं होगा।

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जलनिकासी का सबसे ज्यादा बजट

इस बार 2.78 करोड़ रुपये जलनिकासी पर खर्च हुए। इतनी भारी भरकम खर्च होने के बाद भी बाढ़ जैसे हालात होना निश्चित ही शहर के लिए खासा तकलीफदेह है। सवाल यह है कि अब क्या यह बजट और बढ़ाना होगा।

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सफाई पर जीपीएस से नजर

निगम अधिकारियों ने इस बार सफाई का हाईटेक तरीका अपनाया। दावा किया था कि सफाई पर जीपीएस से नजर रखी जा रही है। स्पेशल सीसीटीवी कैमरे लगे, जिससे साफ सफाई का पता चले। लेकिन इसका परिणाम क्या निकला? फिर क्यों बने बाढ़ के हालात: क्योंकि सिर्फ दावे थे

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समय पर काम नहीं

शहर में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए कई जगह पर काम चल रहा है। यह काम मानसून सीजन से पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से लटका रहा, जिससे जलभराव के हालात बने। अधिकारियों ने समय पर काम नहीं कराया। 2

मॉनिटरिग नहीं

सीवरेज व नालों की सफाई के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने टेंडर तो दे दिए, लेकिन इसके बाद ठेकेदार क्या सही ढंग से सीवरेज व नालों की सफाई कर रहे हैं इसकी मॉनिटिरिग नहीं की, जिसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ा। 3

रणनीति का अभाव

शहर में 25 से 30 ऐसे प्वाइंट हैं जहां सालों से पानी जमा होता है। नगर निगम के अधिकारी जल भराव की समस्या से निपटने के लिए हर बार दावा करते हैं, लेकिन जो रणनीति बनाते हैं वह मानसून की बरसात आने के बाद फेल हो जाती है। . और जागरण तो हर कदम पर खामी पकड़ उजागर करता रहा

फोटो---16 नंबर है।

फिर क्यों नहीं होगा जलभराव?

11 जुलाई के अंक में दैनिक जागरण ने नगर निगम की लापरवाही को उजागर किया था। बरसात में याद आया सीवरेज लाइन का काम शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जागरण ने लोगों को बताया था कि यह कार्य वर्ष 2018 में ही पूरा होना था, लेकिन लापरवाही से लटका हुआ है। अब यहीं पर शनिवार को हुई बरसात से यहां सड़कें लबालब हुई, गाड़ियां सीवरेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढों में गिरी। लोगों के घरों में पानी घुसा। फोटो---15 नंबर है।

चार जुलाई को हुई बरसात के बाद दैनिक जागरण ने बताई थी सफाई की व्यवस्था

शहर में चल बिछाई जा रही सीवरेज लाइन के काम में कितने बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है कि महज 16.0 एमएम बरसात में हालात खराब हो गए। लाइन बैठ गई, लोगों का रास्ता बंद हो गया। दैनिक जागरण ने पांच जुलाई के अंक में पाठकों को बताया था कि नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों की वजह से ही शहर में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। हुआ भी ऐसे ही। शनिवार को हुई तेज बरसात से पूरा शहर जलमग्न हो गया। बरसात में कुछ अच्छा भी हुआ

डेढ़ घंटे में हुई 58.2 एममए बरसात, सामान्य से 20 फीसद अधिक हुई बरसात

जम्मू-कश्मीर में बने वेस्टर्न डिस्ट्रबेंस व चक्रवाती हवाओं के बढ़ते दबाव के कारण मानसून हरियाणा में सक्रिय हुआ। शनिवार सुबह महज डेढ़ घंटे में हुई 58.2 एमएम बरसात हुई। जिससे सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई। मौसम विभाग के अनुसार एक जून से अब तक 213.4 एमएम बरसात होनी चाहिए थी, जो सामान्य है, लेकिन शनिवार को हुई बरसात से यह आंकड़ा 256.6 एमएम तक पहुंच गया। यानी सामान्य से 20 फीसद अधिक बरसात हुई है। आने वाले 24 घंटे में मौसम के हालात

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री के आसपास बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। 27.0 से 28.0 डिग्री के आसपास तापमान बने रहने की संभावना है। आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। 24 व 25 जुलाई को पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बरसात हो सकती है।

Posted By: Jagran

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