जागरण संवाददाता, करनाल : सरकारी विभागों में कार्यरत स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी व कच्चे कर्मचारियों, स्कीम वर्करों, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे- मील, ग्रामीण चौकीदार व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने काले रिबन, काली चुन्नी व काले बिल्ले बांधकर आंदोलन की शुरुआत की।

सीटू के जिला प्रधान सतपाल सैनी व जिला सचिव जगपाल राणा व कलीराम ने बताया कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के आह्वान पर हरियाणा सरकार के उपेक्षापूर्ण रुख के खिलाफ कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अपने-अपने गांव तथा कार्यस्थल पर काम करते हुए विरोध जताया।

सीटू जिला कमेटी करनाल ने दावा करते हुए कहा कि महामारी में भी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर समाज की रक्षा कर रहे हैं। अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के पास कई बार पत्र व ज्ञापन भेज चुके हैं, लेकिन सरकार बात सुनने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों ने मांग रखी कि ग्रामीण सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य विभाग के ठेका कर्मचारियों, आशा, आंगनबाड़ी, चौकीदारों, मिड-डे- मील वर्करों को भी कोरोना अवधि के दौरान समान काम, समान वेतन या डबल वेतन दिया जाए। इस समय सेवारत इन कर्मियों को तमाम सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, दस्ताने, जूते, सैनिटाइजर, जाकेट आदि उपलब्ध करवाए जाएं।

Posted By: Jagran

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