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Haryana Weather: आसमान से आफत का अलर्ट, तेज हवा और बारिश के साथ ओलावृष्टि के आसार

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:00 AM (IST)

मौसम विभाग ने करनाल में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे धान की खड़ी और ...और पढ़ें

Haryana Weather: आसमान से आफत का अलर्ट। फाइल फोटो

Haryana Weather: आसमान से आफत का अलर्ट। फाइल फोटो

HighLights

  1. करनाल में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट।

  2. धान की खड़ी और कटी फसल को नुकसान की आशंका।

  3. मंडियों में धान खरीद और उठान में भी बाधा।

जागरण संवाददाता, करनाल। धान खरीद सीजन के बीच मौसम किसानों की चिंता बढ़ाने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिले में आज तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है। अगले दिन भी मौसम खराब रहने के आसार हैं। ऐसे में खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल और अनाज मंडियों में खुले में रखा धान भी प्रभावित हो सकता है।

पहले से खरीद और उठान की परेशानियों से जूझ रहे किसानों के लिए मौसम की चेतावनी नई चुनौती बनकर सामने आई है। तेज हवा चलने और बारिश होने से धान की खड़ी फसल गिर सकती है। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ कटाई में भी परेशानी आ सकती है। जिन खेतों में फसल पककर तैयार है, वहां बारिश के कारण कटाई का काम रुक सकता है।

वहीं, ओलावृष्टि होने पर बालियों और दानों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। खेतों में कटी हुई फसल भीगने से अनाज में नमी बढ़ सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता और बिक्री प्रभावित होने की आशंका है।

मंडियों में खुले धान की बढ़ सकती है परेशानी

जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक और खरीद का दबाव पहले से बना हुआ है। ऐसे में बारिश होने पर खुले में रखे धान को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती होगी। यदि तिरपाल और ढकने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हुई तो धान भीग सकता है।

इससे नमी बढ़ने के कारण खरीद के दौरान गुणवत्ता संबंधी आपत्तियां उठ सकती हैं। पहले ही नमी की जांच और खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों तथा एजेंसियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। बारिश से मंडियों में धान की ढुलाई और उठान का काम भी प्रभावित हो सकता है। इससे मंडियों में अनाज जमा होने की समस्या और बढ़ने की आशंका है।

किसानों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों में कटी फसल को संभव हो तो सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और खुले में पड़े धान को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की जाए।

मंडियों में आढ़तियों और संबंधित एजेंसियों को भी अनाज को बारिश से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने होंगे। किसानों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और स्थानीय कृषि अधिकारियों की सलाह के अनुसार कटाई व अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाने की जरूरत है।

32.4 डिग्री रहा तापमान

करनाल में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में आद्रता 53 प्रतिशत रही। अगले 24 घंटे में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम का यह बदलाव धान की कटाई, खरीद और उठान तीनों की रफ्तार पर असर डाल सकता है। ऐसे में आने वाले दो दिन किसानों और मंडी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।