मंडियों में खुला पड़ा है धान, हरियाणा में आज और कल भारी बारिश का अलर्ट; किसानों की बढ़ी धड़कनें
मौसम विभाग ने करनाल में 29-30 अक्टूबर को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की ...और पढ़ें
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हरियाणा में भारी बारिश का अलर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
करनाल में 29-30 अक्टूबर को बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट।
मंडियों में खुले धान को सुरक्षित रखने की चुनौती।
खेतों में खड़ी फसल को नुकसान की आशंका।
जागरण संवाददाता, करनाल। कभी बेमौसमी बारिश तो कभी आंधी और अब ओलावृष्टि की चेतावनी। मौसम का बदलता मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा रहा है।
अक्टूबर के आखिरी दिनों में करनाल के मौसम में फिर बदलाव के आसार हैं। अब तक दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास करा रहे मौसम के बीच बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 29 अक्टूबर को करनाल में बारिश के साथ बिजली चमकने, तेज सतही हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका है। 30 अक्टूबर को भी आंधी, बिजली और ओलावृष्टि संबंधी चेतावनी दी गई है
रात का तापमान गिरकर 13.8 डिग्री पहुंचा
करनाल में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 34 प्रतिशत रही। दिन में तापमान सामान्य गर्माहट का अहसास करा रहा है, जबकि रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम में संभावित बदलाव के चलते बादल छाने और बारिश होने के बाद दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम संबंधी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, पूरे जिले में बारिश और ओलावृष्टि का असर एक समान होगा, इसकी गारंटी नहीं है। इसका प्रभाव स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मंडियों में खुले धान पर मंडरा सकता खतरा
जिले में धान खरीद सीजन के बीच बारिश किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ा सकती है। अनाज मंडियों में खुले में रखी धान की ढेरियों और बोरियों को पानी से बचाना चुनौती होगी। तेज हवा के साथ बारिश होने पर तिरपाल से ढकी उपज को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
वहीं, ओलावृष्टि होने पर खेतों में बची खड़ी फसल और कटाई के लिए तैयार धान पर असर पड़ने की आशंका रहेगी। किसानों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और मंडियों में अपनी उपज को अच्छी तरह ढककर रखने की जरूरत है। संभावित नुकसान का वास्तविक आकलन बारिश और ओलावृष्टि होने के बाद ही हो सकेगा।
तेज हवाओं से यातायात और बिजली व्यवस्था पर भी असर संभव
गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने पर खुले स्थानों में काम करने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और सड़क पर सफर करने वालों को परेशानी हो सकती है। बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे रुकना भी जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय स्तर पर तेज हवाओं का प्रभाव बढ़ने से बिजली आपूर्ति में व्यवधान की आशंका भी है।
