जागरण संवाददाता, करनाल : प्रदेश सरकार की ओर से बर्खास्त किए गए पीटीआइ शिक्षकों ने हरियाली तीज को काली तीज के रूप में मनाया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। महिला शिक्षकों ने काली चुन्नियां और पट्टी बांधकर रोष जताया। नौकरी छीने जाने से आहत पीटीआइ का कहना है कि जब तक उन्हें नौकरी वापस नहीं मिल जाती उनके लिए हर त्यौहार काले त्यौहार के लिए है। प्रदेश सरकार ने पीटीआइ और उनके परिवारों की खुशियों को छीन लिया है। इस मौके पर इस मौके पर राज्य महासचिव रविद्र बरानी, जिला प्रधान संदीप बलड़ी व हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुशील हथलाना ने कहा कि आज शिक्षकों ने काली पट्टियां व काली चुनरी बांध कर अपना विरोध जताया है। सरकार बेटियां बचाने और बेटियां पढ़ाने की बात करती है मगर दुख की बात है इसी सरकार ने पढ़ी लिखी बेटियों की नौकरी छीन ली और उन्हें सड़कों पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। आज जब लोग अपने घरों में तीज का त्यौहार मना रहे थे, मगर पीटीआइ शिक्षक अपने साथ हुए अन्याय को लेकर काली तीज मनाने के लिए मजबूर हो गए। इधर आज क्रमिक अनशन पर बैठने वाले कर्मचारी नेताओं में नगरपालिका कर्मचारी संघ से राजकुमार ढिल्लो, विनोद प्रोचा, बलविद्र सिंह, गुरचरण सिंह व गोपाल शामिल रहे। जय श्री सीता राम ट्रस्ट से डा. इंदु शर्मा व तमन्ना शर्मा समर्थन देने पहुंची। तमन्ना ने कविताएं पढ़कर पीटीआइ शिक्षकों का हौसला बढ़ाने का काम किया। इस अवसर पर अनिल सैनी, सोमदत्त शर्मा, कुलदीप राणा, तेजवीर मान, राजकुमार, अजमेर, हिमांशु, प्रदीप सांगवान, कुलदीप लाठरो, विनोद, अनिरुद्ध, राजेश, सुरेश यादव, रीना, वीना, संगीता, नीलम, सुदेश, शिव कुमार, सुरेश कुमारी, भुवन कुमार, रणजीत मंजूरा, विनोद कुमार, यादविद्र, राजकुमार, स्नेहलता व मीना भारद्वाज मौजूद रहे।

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