हरियाणा ATS को आधुनिक हथियारों के साथ मिली बुलेट प्रूफ गाड़ियां, हौसला बढ़ाने के लिए 30% विशेष भत्ता; पढ़ें डिटेल्स
हरियाणा सरकार ने अपनी एटीएस को आधुनिक हथियारों और बुलेट प्रूफ गाड़ियों से लैस किया है। साथ ही, एटीएस कर्मियों ...और पढ़ें

हरियाणा एटीएस को मिली बुलेटप्रूफ गाड़ियां (फाइल)
HighLights
एटीएस को आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ गाड़ियां मिलीं।
पुलिसकर्मियों को मूल वेतन पर 30% विशेष भत्ता मिलेगा।
एनएसजी की तर्ज पर कमांडो को विशेष प्रशिक्षण।
सोमदत्त शर्मा, करनाल। आतंकी गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा सरकार ने एटीएस (एंटी टेरेरिज्म स्कवाड) को आधुनिक हथियारों के साथ साथ बख्तरबंद (बुलेट प्रूफ) गाड़ियों से लैस कर दिया है। साथ ही एटीएस पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों का हौसला बढ़ाने के लिए उनको 30 प्रतिशत विशेष भत्ता भी देने का फैसला लिया है।
यह विशेष भत्ता कर्मचारियों और अधिकारियों के मूल वेतन पर मिलेगा। इस संबंध में गृह विभाग ने लिखित में आदेश जारी कर पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। राज्य सरकार के इस फैसले का एक हजार से अधिक पुलिस कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। गैंगस्टर और आतंकियों के गठजोड़ को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने एटीएस का गठन किया है।
पिछले माह ही एटीएस के दो थाने पंचकूला और गुरुग्राम में बनाए गए हैं और फील्ड में सात यूनिट तैनात की हैं। ये दोनों थाने उत्तर और दक्षिण हरियाणा में अलग अलग काम देखेंगे। एटीएस को मजबूती देने के लिए सरकार की ओर से फील्ड में तैनात सभी यूनिट में एक एक बुलेट प्रूफ गाड़ी दी है। इसके साथ ही जोखिम को देखते हुए कर्मचारियों को 30 प्रतिशत तक विशेष भत्ता देने का भी फैसला लिया है। इस संबंध में सरकार ने बकायदा वित्त विभाग से भी मंजूरी ली है।
एनएसजी की तर्ज पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
एटीएस के लिए 100 महिला और 100 पुरुष कमांडों को पंचकूला में तीन माह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये जवान आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए एनएसजी की तर्ज पर त्वरित कार्रवाई को अमल में लाएंगे। इसी प्रकार, एटीएस में तैनात किए जाने वाले सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अब करा रहे सिफारिश
पिछले माह जब एटीएस का गठन किया गया तो जिला पुलिस के कर्मचारी और अधिकारी इसमें जाने से बच रहे थे। लेकिन अब सरकार द्वारा तमाम सुविधाओं के साथ साथ मूल वेतन में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी किए जाने के बाद कर्मचारी यहां आने के लिए सिफारिश लगवा रहे हैं। साथ ही आला अधिकारियों को भी खुद अपनी इच्छा बता रहे हैं।
इनको मिलेगा लाभ 30 प्रतिशत का लाभ
- एटीएस : डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआइ, हवलदार, सिपाही
- तोड़फोड़ विरोधी दस्ता : एडी (सहायक निदेशक) (तकनीकी), एसएसओ, एसएसए, एसए।
- बम निरोधक दस्ता: एडी (सहायक निदेशक) (बोलिस्टीक्स), एसएसओ (सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर), एसएसए (सीनियर साइंटिफिक एसीस्टेंट), एसए (साइंटिफिक एसीस्टेंट) (एक्सप्लोसिव), लैब एसीस्टेंट (एक्सप्लोसिव)
