संवाद सहयोगी, घरौंडा : विधानसभा क्षेत्र की पारी सन 1967 से शुरू हुई, जिसमें 12 विधायक बने। कंवर रामपाल मंत्री बने और पीरू राम मुख्य संसदीय सचिव, रमेश कश्यप हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन के साथ-साथ हरविद्र कल्याण भी हैफेड के चेयरमैन बने। 12 विधायकों में केवल दो बार कंवर रामपाल विधायक बने, लेकिन वे अलग-अलग प्लान में विधायक रहे।

घरौंडा विधानसभा का पहला चुनाव सन 1967 में हुआ और मूलचंद जैन विधायक बने। एक साल के बाद ही दोबारा चुनाव हो गए और वर्ष 1968 में ठाकुर रणधीर सिंह विधायक बने। 1972 में लाला रुलिया राम, 1977 में कंवर रामपाल विधायक बने। 1982 में वेदपाल, 1987 में पीरू राम, 1991 में कंवर रामपाल दोबारा बने। 1996 में रमेश कश्यप, 2000 में रमेश राणा, 2005 में रेखा राणा, 2009 में नरेंद्र सांगवान तथा 2014 में हरविद्र कल्याण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। ऐसा कोई भी विधायक नहीं हुआ जो लगातार दूसरी बार विधायक बना हो, लेकिन हरविद्र कल्याण ने इस मिथक को तोड़ दिखाया है।

कल्याण का बड़ा वोट प्रतिशत

विधानसभा चुनावों में हरविद्र कल्याण ने पिछले विधानसभा के मुकाबले 11962 वोट हासिल किए। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में 1,92,125 मतदाताओं में से 1,55,615 वोटरों ने अपने मत का प्रयोग किया था। इसमें कल्याण ने 55,247 वोट हासिल कर इनेलो प्रत्याशी नरेंद्र सांगवान को 17883 वोटों से हराया था। इस विधानसभा चुनावों में कल्याण का वोट प्रतिशत बढ़ा है। इस बार 2,16,528 मतदाताओं में से 1,44,249 वोट पोल हुए। इन पोल वोटों में से कल्याण ने 67,209 वोट हासिल किए हैं, जोकि पिछली बार से 11,962 वोट ज्यादा है।

Posted By: Jagran

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