हर्ष एनकाउंटर: रोड़ समाज के 5000 लोगों ने करनाल में निकाला मार्च, 30 तक दिया अल्टीमेटम; DC ने जमीन पर बैठ लिया ज्ञापन
रोड़ समाज ने हर्ष एनकाउंटर की जांच की मांग को लेकर करनाल में विशाल प्रदर्शन किया। हजारों लोगों ने पैदल ...और पढ़ें
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हर्ष एनकाउंटर: रोड़ समाज में आक्रोश। फोटो जागरण
HighLights
हर्ष एनकाउंटर की जांच के लिए रोड़ समाज का प्रदर्शन।
करनाल में हजारों लोगों ने पैदल मार्च कर ज्ञापन सौंपा।
डीसी ने जमीन पर बैठकर लिया ज्ञापन, 30 तक अल्टीमेटम।
जागरण संवाददाता, करनाल। हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच की मांग को लेकर सोमवार को रोड़ समाज के हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। समाज के लोग पहले रोड़ धर्मशाला में एकत्रित हुए, फिर पैदल मार्च कर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली और लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
ज्ञापन लेने आए डीसी डा. आनंद शर्मा को ज्ञापन लेने के लिए जमीन पर बैठना पड़ा और जांच का आश्वासन दिया। लोगों ने सरकार को तीन मांगें मानने के लिए 30 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि इस समयावधि में मांगें पूरी नहीं हुई तो 30 अगस्त को तरावड़ी में होने वाली मुख्यमंत्री की रैली का विरोध किया जाएगा। उनके सामने ही अपना टैंट लगाया जाएगा।
सुबह 10 बजे रोड़ धर्मशाला में हजारों की संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए। इनमें करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत समेत अन्य जिलों के लोगों ने भाग लिया। यहां बैठक के बाद रोड़ महासभा के प्रधान बलकार पुंडरी की अगुवाई में शहर में पैदल मार्च निकाला।
पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शनकारियों ने करनाल के विधायक जगमोहन आनंद के खिलाफ भी नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारी सेक्टर-12 स्थित रेड लाइट चौक पर पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया। लोगों को मनाने के लिए पहले एसडीएम देवेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे, लेकिन उनको ज्ञापन देने से मना कर दिया। बाद में डीसी आनंद शर्मा स्वयं लोगों के बीच आए और जमीन पर बैठकर बलकार पुंडरी से ज्ञापन लिया। डीसी ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन राज्यपाल के पास पहुंचा दिया जाएगा।
हिरासत में लेने के बाद दोनों का एनकाउंटर करने का आरोप
रोड़ महासभा के प्रधान बलकार पुंडरी ने कहा कि हर्ष एनकाउंटर प्रकरण को 17 दिन हो चुके हैं। समाज के लोगों ने 12 अगस्त को कुरुक्षेत्र में महापंचायत की थी और 13 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं।
मुख्यमंत्री ने 16 अगस्त तक का समय मांगा था, लेकिन उनकी किसी भी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में सामने आया है कि यह झूठा एनकाउंटर था और इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब पुलिस दोनों युवकों को हिरासत में ले चुकी थी तो रात में उनका एनकाउंटर किसके दबाव में किया गया। समाज यह नहीं कहता कि दोनों बच्चे निर्दोष या अच्छे थे, लेकिन वे इनामी बदमाश भी नहीं थे कि उनका एनकाउंटर करना जरूरी हो।
पुलिस उन्हें पकड़ती और सजा देने का काम न्यायपालिका का है। वह उन्हें सजा देती। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनके समाज को कमजोर समझकर गलत किया है जो निंदनीय है।
ये रखीं तीन प्रमुख मांगें
- - हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआइ और कार्यरत जज से कराई जाए।
- - करनाल विधायक जगमोहन आनंद का इस्तीफा लिया जाए और वे समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
- - एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विधायक के नाम के बोर्ड उखाड़े
प्रदर्शनकारियों ने करनाल के विधायक जगमोहन आनंद के नाम वाले एक बोर्ड को उखाड़ दिया और उस पर कालिख पोत दी। वहीं, स्थिति तनावपूर्ण होते देख सेक्टर 13 स्थित विधायक के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस बल तैनात कर दिया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
