जागरण संवाददाता, करनाल : एक बार फिर से घर से निकली बुजुर्ग महिला से बदमाश चाकू की नोक पर कंगन लूटकर फरार हो गए। शहर में इस तरह की कई वारदात हो चुकी हैं। बदमाश बुजुर्ग महिला को ही निशाना बनाते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। अंतर बस इतना रहा कि जब महिला बदमाशों की बातों में नहीं आई तो बदमाश ने चाकू दिखाते हुए डराया। फिर कंगन उतार कर फरार हो गए। वारदात का कुछ हिस्सा सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हुआ है।

प्रेम नगर में गुरुद्वारा के पास आशा देवी अपनी लड़की को छोड़कर वापस आ रही थी। तभी एक युवक ने उनसे मंदिर का रास्ता पूछा। इस पर आशा देवी ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। बदमाश फिर भी स्कूटी पर महिला के साथ चलता रहा। कुछ दूर जाकर उसने लॉटरी का लालच दिया। तब भी महिला ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। इसी बीच उस बदमाश के दो साथी आए। एक ने महिला के गले पर चाकू रखकर कंगन उतारने को कहा। महिला कुछ करती, इससे पहले ही बदमाश उसके हाथों से कंगन उतार कर फरार हो गए। बदमाशों ने मात्र दस मिनट में वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल के पास फर्नीचर शोरूम में लगे सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर लुटेरों की तलाश की जा रही है। कहा है पुलिस, दिन में 11 बजे लूट

पुलिस हालांकि मुस्तैदी का दावा तो बार-बार कर रही है, लेकिन यह मुस्तैदी नजर नहीं आ रही। कम से कम इस वारदात से तो यहीं साबित हो रहा है। वारदात के बाद एसआइ जसविद्र ने ठेठ पुलिसिया अंदाजा में एक बार फिर दावा ठोक दिया, जांच कर रहे हैं। वारदात को जल्द सुलझा लेंगे। अब यह अलग बात है कि पहले इस तरह की जो वारदात हो चुकी हैं, उन्हें तो अभी तक सुलझाया नहीं गया। फिर इस वारदात को कैसे सुलझाया जा सकता है?

लूट की कहानी बुजुर्ग महिला की जुबानी

राम नगर के गड़रिया मोहल्ला के मकान नंबर 265 की निवासी 60 वर्षीय आशा 11 बजे बेटी काजल को प्रेमनगर के ब्यूटी पार्लर में छोड़कर आ रही थी। आशा देवी ने बताया कि गुरुद्वारा के पास स्कूटी पर एक युवक आया और शिव मंदिर का पता पूछा। मैंने ध्यान नहीं दिया, फिर भी वह पीछे-पीछे आता रहा। उसकी पूरी कोशिश थी कि वह मुझे बातों में उलझा ले, लेकिन मैं वहां से निकलना चाह रही थी। उसने मुझे सरकारी स्कीम का लालच दिया। इसी दौरान उसके साथी वहां पहुंच गए और वारदात को अंजाम दे दिया।

हाथ छिल गए, पर बदमाशों को तरस नहीं आया

कंगन निकालने की जल्दबाजी में बदमाशों ने महिला के हाथ भी छील दिए। वह दर्द से बिलबिलाती रही, लेकिन उन्हें जरा सा भी तरस नहीं आया। बदमाशों ने झटक कर कंगन निकाला और मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि वारदात हो गई है। महिला भी अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए सकते में आ गई। इस वजह से वह तुरंत शोर नहीं मचा पाई।

सीसीटीवी कैमरे में दिख रहे हैं भागते हुए बदमाश

दुकान के कैमरों में जो रिकार्ड हुआ, इससे पता चल रहा है कि बदमाशों की संख्या चार थी। दो बाइक व एक स्कूटी पर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। एक बदमाश थोड़ी दूरी पर बाइक से चक्कर लगाता रहा, जबकि तीन ने वारदात को अंजाम दिया। काम होते ही चारों मौके से अलग-अलग दिशाओं में भाग गए हैं। पुलिस रिकार्डिग के आधार पर बदमाशों की पहचान में जुटी है।

इसी तरह 7 मई को बुजुर्ग महिला को बनाया था निशाना

7 मई को भी इसी तरीके से तीन युवकों ने लूट की एक वारदात को अंजाम दिया था। मोती नगर निवासी वृद्ध महिला सावित्री देवी को आरएस पब्लिक स्कूल के पास स्कूटी सवार दो लुटेरों ने रास्ता पूछने के बहाने से रोका। दोनों ने महिला को बातों में उलझाया। इसी बीच पीछे से एक लुटेरा आया और महिला को बीपीएल कार्ड के माध्यम से सरकार द्वारा एक लाख रुपये दिलाने का लालच दिया। महिला उनकी बातों में आ गई और ठग उसके आभूषण लेकर फरार हो गए थे।

वारदात का एक ही तरीका

ये ठग सभी वारदातों को एक ही तरीके से अंजाम देते हैं। बुजुर्ग या अकेली महिला को ही शिकार बनाते हैं। सबसे पहले तो वह महिला को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद उनका दूसरा साथी आकर गहने लेकर फरार हो जाता है। वारदात में ये लुटेरे अपने साथ दो या दो से अधिक बिना नंबर की बाइक रखते हैं। वारदात के समय उनका एक साथी बाइक को स्टार्ट कर उस पर ही बैठा रहता है और दूसरा साथी लूट को अंजाम देता है। पीड़ित और पुलिस को गुमराह करने के लिए लुटेरे अलग-अलग रास्ते से फरार हो जाते हैं।

Posted By: Jagran