संवाद सहयोगी, घरौंडा : दिल्ली से करनाल की ओर जा रही फॉर्चूनर कार का ओवरब्रिज पर कारपोरेशन बैंक के सामने अचानक संतुलन बिगड़ गया। फार्चूनर फ्लाईओवर के डिवाइडर को क्रॉस करती हुई दूसरी सड़क पर तीन कारों से जा भिड़ी और लंबा जाम लग गया। हादसा होते ही हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। लोग घायलों को बचाने के लिए क्षतिग्रस्त कारों की ओर दौड़ पड़े। हादसे में दो महिलाओं व एक बच्चे सहित आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और राहगीरों की सहायता से घायलों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शनिवार को लगभग चार बजे एक फॉर्चूनर गाड़ी दिल्ली से करनाल की ओर जा रही थी। घरौंडा फ्लाईओवर पर कार्पोरेशन बैंक के ठीक सामने फॉर्चूनर गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया। फॉर्चुनर हाईवे के डिवाइडर व पौधों को तोड़ते हुए करनाल-पानीपत हाईवे पर वाहनों से जा भिड़ी। हादसे में तीन गाड़ियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उनमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फॉर्चूनर कार में लुधियाना निवासी महिला सिमरन, जसकीरत, महेंद्र व एक अन्य युवक सवार था। जबकि करनाल की तरफ जा रही एक कार में सोनीपत की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला कमलेश, उसका पोता लव व बेटा संदीप सवार थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि गाड़ियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और गाड़ी में सवार सभी लोग फंस गए। जिनको राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इसके साथ ही हाईवे पर भी जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक साइड कराया और जाम खुलवाया।

फ्लाईओवर से उतारे घायल

हादसा के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कारों से घायलों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ियां पूरी तरह से पिचक गई थी। जिसके दरवाजे व शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया। इतना ही नहीं राहगीरों ने फ्लाईओवर के छोटे रास्तों से घायलों को नीचे उतारा और निजी वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सीएचसी में डॉक्टरों ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और हालत ज्यादा गंभीर होने की वजह से करनाल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

एंबुलेंस के लिए भटकते रहे घायल

हादसे के बाद अस्पताल में घायलों को करनाल रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल में एक ही एंबुलेंस थी। जिस वजह से घायलों को करनाल अस्पताल ले जाने में देरी हुई। घायल अवस्था में संदीप ने निजी वाहन की सहायता से अपने भतीजे लव व अपनी माता कमलेश को करनाल के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया। कमलेश का कहना है कि हाइवे पर अस्पताल है लेकिन सुविधाएं बिल्कुल भी नहीं है। इतनी देर से एंबुलेंस का इंतजार कर रहे है लेकिन एंबुलेंस ही नहीं है।

वहीं, ट्रैफिक पुलिस के पवन कुमार ने बताया कि नेशनल हाइवे पर फार्चूनर गाड़ी दिल्ली से करनाल की तरफ जा रहीं थी। संतुलन बिगड़ने से फॉर्चूनर डिवाइडर को तोड़ती हुई दूसरी सड़क पर अन्य कारों से भिड़ गई। हादसे में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को गंभीर चोटें आई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। जांच जारी है।

Posted By: Jagran

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