संवाद सहयोगी, घरौंडा : दो साल से अधर में लटके हरिसिंहपुरा गांव के निर्माणाधीन के फाइव पोंड का कार्य बंद पड़ा है। विभागीय अधिकारियों ने फाइव पोंड की खुदाई तो करवा दी लेकिन बजट की कमी के कारण काम रोक दिया। हालांकि सरकार की तरफ से अभ्ज्ञी तक सिर्फ 40 फीसद राशि दी गई है। ऐसे में पेमेंट की कमी के कारण निर्माण रूका हुआ है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर ग्राम पंचायत इस तालाब पर पार्क बनाने के मूढ में दिखाई दे रही है। पार्क को लेकर पंचायत ने प्रस्ताव प्रशासन को भेज दिया है।

दो वर्ष पूर्व पंचायतीराज विभाग ने गांव हरिसिंहपुरा में गंदे पानी की निकासी के लिए फाइव पौंड बनाने का काम शुरू किया था। सरकारी स्कूल के सामने-बनाने जा रहे इस पौंड का निर्माण बीते कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। 32 लाख रुपये की लागत से बनाने वाले इस पौंड के लिए एसबीएम, स्टेट बजट व फाईनेंस कमीशन से बजट मिलना था।

पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एसबीएम की तरफ से फंड मिला चूका है जबकि स्टेट बजट से मिलने वाली राशी का एक तिहाई हिस्सा ही विभाग को अभी तक मिला है। पौंड निर्माण के लिए अभी तक स्टेट बजट की तरफ से एक भी पैसा विभाग को नही भेजा गया। पैसा समय पर नहीं मिलने के कारण पौंड का निर्माण कार्य बंद करना पड़ा। पौंड का काम अधर में लटका होना का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ----बॉक्स---

फाइव पोंड के स्थान पर पार्क बनाने के लिए भेजा प्रस्ताव

फाईव पौंड बनाने के लिए तालाबो की खुदाई का कार्य लगभग पूरा हो चूका है और पंचायती राज विभाग ने करीब चालीस फीसदी बजट खर्च कर दिया है। वही अब ग्राम पंचायत इस फाइव पौंड के स्थान पर पार्क बनाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा है। सरपंच प्रतिनिधि नरेश कुमार ने बताया कि पंचायत ने गांव से कुछ दुरी पर जोहड़ का निर्माण कर दिया है और गंदे पानी को जोहड़ तक ले जाने के लिए पाइप लाइन भी बिछा दी है। नरेश कुमार ने कहा कि पंचायत ने जोहड़ बना दिया है इसलिए अब वे फाइव पौंड की जगह पर पार्क बनाने की प्लानिग की गई है। पंचायतीराज विभाग एक्सईएन करनैल सिंह ने बताया कि हरिसिंह पूरा में बन रहे फाइव पौंड के लिए अभी तक चालीस फीसदी फंड मिला है। बकाया 60 प्रतिशत फंड के लिए डिमांड भेजी गई है। फंड मिलने के बाद पौंड का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। विभाग पौंड के निर्माण पर लाखों रुपया खर्च कर चुका है। ऐसे में ग्राम पंचायत का पौंड की जगह पर पार्क बनाने का कोई ओचित्य नहीं बनता। क़ानूनी रूप से भी तालाब को बंद करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

Edited By: Jagran