जागरण संवाददाता, करनाल: मौसम की मनमानी से आम जन परेशान है। लगातार हो रही बारिश के साथ अब ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 48 घंटे में 36.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। तेज हवाओं का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, आधिकारिक रूप से नुकसान का सटीक आकलन मौसम दुरुस्त होने के बाद हो पाएगा। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला कायम रहने की बात दोहराई है। जबकि कृषि विज्ञानियों ने फसलों के लिए बेहद संवेदनशील मौसम के चलते फिलहाल खेतों में किसी भी प्रकार का स्प्रे नहीं करने की सलाह दी है।

क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है। गनीमत यह है कि बीच-बीच में इससे कुछ समय के लिए राहत भी मिल रही है। इसके बावजूद अधिक बारिश होने से कृषि विज्ञानी चिंतित हैं। बुधवार तक जहां 23 एमएम बारिश दर्ज की गई थी तो शुक्रवार तक दोनों दिन हुई बारिश का कुल योग बढ़कर 36.2 एमएम पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी फसल बिछना शुरू हो गई हैं। कई जगह ओलावृष्टि की भी सूचना है। मौसम का खराब होना किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 24 घंटे तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में गेहूं की फसल बिछ गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं, न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी की मात्रा 96 फीसद दर्ज की गई। हवा छह किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। बारिश के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। जनजीवन भी प्रभावित है। चुनौती अभी बरकरार

मौसम की चुनौती अभी टलने वाली नहीं है। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि कम से कम 24 घंटे हालात ऐसे ही रहेंगे। शनिवार को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा तो कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे गेहूं और अन्य फसलों को खतरा है। परेशान किसान लगातार भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी फसल तबाह होने से बच जाए। खेतों में स्प्रे करने से बचें

मौसम के तेवर देखते हुए विशेषज्ञों ने किसानों को फिलहाल खेतों में स्प्रे न करने की सलाह दी है। भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान के रिसोर्स मैनेजमेंट विभाग के प्रधान विज्ञानी डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि चेपा या किसी भी अन्य रोग के चलते खेतों में स्प्रे करने का कोई लाभ नहीं है। किसानों को मौसम पुन: खुलने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने और संस्थान के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अनुज कुमार ने उम्मीद जताई कि अगले एक-दो दिन में मौसम साफ होगा। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

बारिश के मौसम, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जगह जलभराव से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों तक कीचड़ से लोगों को परेशानी हुई। सर्दी भी सता रही है। गर्म कपड़े फिर निकल आए हैं। होली की तैयारियां बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रही हैं। कई जगह बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से भी दिक्कतें पेश आ रही हैं तो कुछ जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।

Posted By: Jagran

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