संवाद सहयोगी, घरौंडा : भारतीय किसान यूनियन की पिपली रैली में किसानों का जमावड़ा रोकने के लिए पुलिस ने हाईवे के टोल प्लाजा पर नाकेबंदी कर दी। पुलिस ने रैली में शामिल होने जा रहे किसानों को टोल पर ही रोक लिया। इस कार्रवाई से भड़के किसानों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। पुलिस की घेरेबंदी के कारण किसानों ने सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। गुरुवार की सुबह पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग के घरौंडा टोल प्लाजा पर बेरिकेड लगाकर नाकेबंदी कर दी। पुलिस ने पानीपत की तरफ से आ रहे सभी वाहनों की चेकिग शुरू कर दी और पिपली रैली में जाने वाले लोगों को टोल प्लाजा क्रॉस नहीं करने दिया। घंटे भर में टोल पर सैकड़ों की संख्या में किसान एकत्रित हो गए और रैली की तरफ कूच करने का प्रयास किया। टोल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसानों को आगे बढ़ने नहीं दिया। पुलिस की कार्रवाई से भड़के किसानों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं हुए। किसानों ने टोल से कुछ दूरी पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव जगदीप सिंह औलख ने कहा कि किसानों को रैली में जाने से रोक कर सरकार ने दिखा दिया। उनकी नीतियां किसान व लोकतंत्र विरोधी हैं। जगदीप ने कहा कि किसानों पर पुलसिया कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि किसानों का आदोलन सफल है और सरकार फेल हो चुकी है। इस दौरान डीएसपी रामदत व मधुबन थाना प्रभारी तरसेम चंद के नेतृत्व में भारी पुलिस बल टोल पर तैनात रहा है। प्रदर्शन करने वाले किसान गिरफ्तार

दोपहर करीब दो बजे टोल के पास धरने पर बैठे किसानों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। पुलिस ने करीब तीन दर्जन किसानों को हिरासत में ले लिया और उन्हें मधुबन पुलिस स्टेशन ले जाया गया। भारतीय किसान यूनियन के नेता जगदीप सिंह व सुक्रमपाल ने बताया कि किसान विरोधी भाजपा सरकार जो तीन अध्यादेश लेकर आई है उससे किसान और मंडियां खत्म हो जाएंगी। मार्केट फीस हटने से फसलों पर मिलने वाला एमएसपी भाव समाप्त हो जाएगा और कांट्रेक्ट फार्मिंग करने में किसान को सिर्फ नुकसान झेलना पड़ेगा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि डब्ल्यूटीओ के दबाव में सरकार देश के किसानों के विरुद्ध ऐसे फैसले ले रही है। डीएसपी रामदत्त ने बताया कि घरौंडा एरिया से कुछ लोग पिपली रैली में जाने की कोशिश में थे जिन्हें टोल पर रोक लिया गया। हाईवे पर किसी तरह की जाम की स्थिति नहीं है। रोके गए किसानों ने टोल के पास धरना दिया जिन्हें हिरासत में लिया गया है।

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