जागरण संवाददाता, करनाल : आशियाना बनाना महंगा हो गया है। रॉ मैटीरियल के दामों में काफी उछाल आया है। ईट को छोड़कर सीमेंट, सरिया, बजरी, डस्ट, रेत व कोरसेंट हर सामग्री में उछाल आया है। सबसे ज्यादा भाव सीमेंट व सरिये के बढ़े हैं। आर्किटेक्ट के मुताबिक 150 गज के मकान बनाने में जो लागत 15 दिन पहले आई थी, अब इतने क्षेत्रफल का मकान बनाने में तीन लाख रुपये अधिक लोगों को खर्च करने पड़ेंगे। मकान या बिल्डिग निर्माण का खर्च काफी बढ़ गया है। यह स्थिति यह तब है, जबकि रीयल एस्टेट सेक्टर सुस्त पड़ा है। आमतौर पर मंदी व तेजी के साथ-साथ उसके अन्य पहलुओं पर भी वैसा ही प्रभाव पड़ता है, लेकिन यहां पर मामला ठीक उलट है। एक तरफ मंदी से रीयल एस्टेट सेक्टर चरमराया पड़ा है, तो दूसरी तरफ बिल्डिग मैटीरियल के दाम आसमान छू रहे हैं।

लोहा व्यापारी बंटी गुप्ता के मुताबिक डिमांड कमजोर है। फिर भी लोहे की कीमतों में पिछले एक 15 दिनों में प्रति क्विंटल 200 रुपये तक हुई है। दाम बढ़ने के पीछे रॉ मैटेरियल की किल्लत है।

सीमेंट का भाव 35 रुपये प्रति बैग बढ़ा

भवन निर्माण सामग्री के विक्रेता पुरानी अनाज मंडी स्थित राघव ट्रेडर्स से विकास गुप्ता ने बताया कि सीमेंट पर 35 रुपये प्रति बैग की तेजी है। अक्सर पूल बनाकर कंपनियां बढ़ोत्तरी कर देती हैं। यह उसी का असर है। इस समय 50 किलो का बैग 310 से बढ़कर 345 रुपये पर आ गया है। एससीसी गोल्ड प्रति बैग 410 रुपये तक पहुंच गया है।

रॉ मैटीरियल के 15 दिन पहले भाव और अब कितने हैं उसकी तुलना

सामग्री का नाम पहले अब

सरिया 4500 4700 रुपये प्रति क्विटल

रेत 12 रुपये 12 रुपये प्रति फुट

डस्ट 23 रुपये 24.50 रुपये प्रति फुट

सीमेंट 315 345 रुपये प्रति बैग

कोरसेंट 26 रुपये 28 रुपये प्रति फुट

बजरी 22 रुपये 25 रुपये प्रति फुट खान बंद होने से बढ़ा रेत का भाव

क्षेत्र में रेत की कई खान बंद हो चुकी हैं। यमुना में जो खनन हो रहा था वह भी बंद हो चुका है। भाव बढ़ने के बाद भी रेत की क्वालिटी भी अच्छी नहीं आ रही है। रेत बारीक आ रहा है। यह तेजी अभी कई माह तक बनी रहने की संभावना है।

Posted By: Jagran

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