जागरण संवाददाता, करनाल: सर्व कर्मचारी संघ और सीटू के बैनर तले कर्मचारियों ने जिला सचिवालय का घेराव किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक कर्मचारियों ने घेराव किया। कर्मचारियों को जिला सचिवालय के अंदर आने से रोकने के लिए पुलिस ने मुख्य द्वार बंद कर दिया था। कर्मचारियों ने सचिवालय में डीसी ऑफिस का घेराव करने की चेतावनी दी थी।

गेट बंद होने से कर्मचारी अंदर नहीं जा सके तो उन्होंने सचिवालय के बाहर ही मानव श्रेणी बनाकर घेराव किया। इस दौराना मुख्य गेट से कोई भी बाहर नहीं आ सका और ना ही कोई अंदर जा सका। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को जमकर कोसा।

प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान मलकीत सिंह और सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी ने की। संचालन सुशील गुर्जर ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में कृष्ण शर्मा, जगपाल राणा, शारदा, रूपा राणा, वाईपी यादव और सियानंद परोचा ने कर्मचारियों को संबोधित किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार बार-बार वादाखिलाफी करती है। कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए समझौता कर लेती है, मगर फिर समझौता भूलकर कर्मचारियों का शोषण शुरू कर दिया जाता है। कर्मचारियों की लंबित मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। मांगों के बाबत ज्ञापन सीटीएम को सौंपा गया। ये हैं मुख्य मांगें

नौकरी से निकाले कर्मचारियों को वापस काम पर लिया जाए, पुरानी पेंशन नीति बहाल हो। परियोजना में कार्यरत वर्करों को कर्मचारी घोषित किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, डीए पर लगाई गई रोक हटाई जाए। निजीकरण पर रोक लगाई जाए, ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी पर रोक लगाई जाए। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोडस रद हों। बिजली बिल 2020 वापस लिया जाए। तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं और न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपए लागू किया जाए। कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित

इस अवसर पर जगमाल सिंह, सेवा राम, सतपाल सरोहा, एनपी चौहान, इंद्रजीत सिंह, मधु शर्मा, रोहताश खोखर, राजिद्र राणा, भाग सिंह, अंकित राणा, नरेश, कर्मवीर, जगतार, ओमपी माटा, वाइपी यादव व कृष्ण कुमार निर्माण ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

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