संवाद सहयोगी, घरौंडा

शहर के सुंदरीकरण को चार चांद लगाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर ओवरब्रिज की दीवारों को सुंदर-सुंदर चित्रकारियों से सजाया, लेकिन शहर में चिपकाए पोस्टरों ने लाखों रुपए की पें¨टग पर कालिख पोत दी। शायद ही कोई ऐसी कलाकृति या जगह बची हो, जहां पर कोई पोस्टर न चिपकाया हो। पोस्टरों की भरमार से ओवरब्रिज ही नही बल्कि हर्बल पार्क, बस स्टैंड, बिजली के खंभे, फुटपाथ, सरकारी और प्राइवेट संस्थानों की दीवार पूरी तरह से ढकी है। करनाल-पानीपत बस स्टैंड की तरफ तो पोस्टरों की एक लंबी कतार दिखाई देती है। शहरवासी राजेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, गुप्ता, विक्रम ¨सह, विक्रांत कुमार, संदीप कुमार, प्रमोद ¨सह, दिव्यम सलूजा, रजत कुमार, प्रवीन कुमार का कहना है कि दिल्ली चुंगी, नई अनाज मंडी के सामने, अंडरपास, बस स्टैंड, सरकारी और प्राइवेट स्कूल, सरकारी संस्थान यहां तक की बिजली के खंभों पर भी पोस्टरों को चिपकाया है। अफसोस की बात है कि जो संस्थाएं और राजनीतिक दल शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने का दम भरती हैं और बड़ी-बड़ी बातें करती हैं, वे ही आज शहर की सुंदरता को ग्रहण लगा रहे है। नगरपालिका अपनाएगी कड़ा रुख

नगरपालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा का कहना है कि नगरपालिका ने शहर में विभिन्न जगहों का सर्वे कराया है। जिन लोगों ने शहर की सुंदरता को खराब किया है और पोस्टर चिपकाए हैं। उनके खिलाफ डिफेसमेंट एक्ट तहत नोटिस जारी होंगे।

Posted By: Jagran