जागरण संवाददाता, करनाल : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मधुबन पक्का पुल से नेवल को होते हुए यमुनानगर के रास्ते को मिलाने के लिए पूर्वी वेस्टर्न बाईपास बनाने की घोषणा की थी। इस बाईपास को बनाने के लिए प्रक्रिया आरंभ हो गई है। वीरवार को कंपनी व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस बारे में विस्तृत रूपरेखा बनाई गई। शीघ्र ही इस बाईपास को बनाने के लिए काम शुरू होगा।

इस संदर्भ में घरौंडा के विधायक हरविद्र कल्याण ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने लघु सचिवालय के सभागार में पूरी प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया। इसके तहत पूर्वी वेस्टर्न बाईपास बनाने के लिए जो रोड मैप बना है, उसका आंकलन किया गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा यह बाईपास दो तरीके से बनाने का सुझाव दिया गया है, परंतु उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि भविष्य को देखते हुए यह बाईपास अव्वल दर्जे का होना चाहिए। यदि समय को देखते हुए सड़क भी चौड़ी की जाए तो उसके लिए अभी इतनी जगह का अधिग्रहण किया जाए कि आने वाले समय में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि यह बाईपास डब्ल्यूजेसी पर बनना प्रस्तावित है, परंतु दूसरा रास्ता कंपनी द्वारा सुझाया गया है कि पूरी जमीन अधिग्रहण करके ही बाईपास बनाया जाए। विधायक ने सुझाव दिया कि बाईपास ऊंचा समाना गांव के ऊपर से निकाला जाए ताकि यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को भी जोड़े।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि पूर्वी वेस्टर्न बाईपास को बेहतर बनाया जाएगा और यह ऐसा होगा जो सभी मार्गों को जोड़ेगा। कंपनी के अनुसार यह मार्ग करीब 22 किलोमीटर लम्बा होगा। इस बाईपास पर सुविधा के अनुसार पुल बनाए जाएंगे और हर प्रकार की सुविधाएं इस पर दी जाएंगी ताकि किसी को भी स्थानीय स्तर पर कोई दिक्कत न हो। इस अवसर पर सिचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संजय राहड़, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल सहित कंपनी के अधिकारी उपस्थित थे।

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