संवाद सहयोगी, असंध : प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाकर गांव को शहर से जोड़ने के सभी वादे तो अधूरे छूट ही रहे हैं बल्कि जो सड़कें बन चुकी हैं, उनकी देखरेख भी नहीं की जा रही है। विभाग के अधिकारी ठेकेदार की गलती बोलकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और टूटी सड़क हादसों का कारण बन रही है। असंध से कोहंड मार्ग बने अभी एक साल से भी कम समय हुआ है कि उस पर लगभग चार बार पेंच वर्क किया जा चुका है। अधिकारियों के आश्वासन के लगभग एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।

वाहन चालक जगबीर, जोनी, राहुल, गोयल, रोकी, रजत ने बताया कि कोहंड असंध मार्ग की खस्ताहालत की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। लेकिन कोई भी इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। सड़क पर कई जगह बहुत गहरे गड्डे हो रहे हैं, जिसमें अचानक पहिया जाने से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क की खस्ताहाल की वजह से दुपहिया वाहन चालक कई बार चोटिल हो चुके हैं। शिकायत विभाग के पास भी पहुंचती है लेकिन कभी किसी की नहीं सुनी जाती। अधिकारी और ठेकेदार की आपसी जुगलबंदी आम जनता पर भारी पड़ रही है। कमीशन के खेल में जनता परेशान

ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार स्थानीय अधिकारियों के साथ मिली भगत कर सड़क के बिल पास करवाते रहते हैं। बाद में अगर कोई परेशानी आती है तो अधिकारी भी ज्यादा ठेकेदार को कुछ बोल नहीं पाते। सुनने वाले शिकायत को दरकिनार करते रहते हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य में प्रयोग की गई सामग्री की जांच करवाने की मांग उठाई है।

विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि कमीशन की वजह से ही घटिया माल लगाकर निर्माण कागजों में पूरा कर दिया जाता है। क्योंकि जांच करने वाले भी खुद विभाग के ही अधिकारी होते हैं। अगर सही जांच की जाये तो कई अधिकारी पोल खुलने से परेशान हो सकते हैं।

Edited By: Jagran