संवाद सहयोगी, घरौंडा : सरकार की गाइडलाइन पर खरा उतरने वाले ग्राम सचिवों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने की मांग ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाई है। साथ ही लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की भी मांग एसोसिएशन कर रही है। इसे लेकर बीडीपीओ सभागार में एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें नौ जिलों के ग्राम सचिवों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन ने चेताया कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

शुक्रवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के सभागार में ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान मुलतान सिंह ने की। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार धनखड़ ने विशेष तौर पर शिरकत की। मीटिग में पंचकूला, अंबाला, करनाल, कुरूक्षेत्र, पानीपत, जींद, कैथल, यमुनानगर व रोहतक जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। मीटिग में धनखड़ ने कहा कि ग्राम सचिवों का चयन वर्ष 1999 में हुआ था, लेकिन ज्वाइनिग वर्ष 2007 में हुई थी। फरवरी-2020 में केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए थे। इसके मुताबिक जिन ग्राम सचिवों का सलेक्शन जनवरी-2004 से पहले हुआ था, उन्हें पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा लंबित मांगों को लेकर भी चर्चा की गई।

बैठक में कहा गया कि वित्त विभाग में ग्रेड पे की सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उसे जल्द से जल्द लागू किया जाए। दूसरा मुद्दा स्टेट कैडर और तीसरा प्रमोशन का है। ग्राम सचिवों की प्रमोशन 28-28 साल तक भी नहीं होती। ग्राम सचिव पद पर तैनात कर्मचारी की रिटायरमेंट भी इसी पद से ही होती है। इसलिए एससीपीओ की जो प्रमोशन होती है उसमें डायरेक्ट कोटा बंद करके नई पोस्ट तैयार की जाए, ताकि ग्राम सचिव को भी प्रमोशन का मौका मिल सके। यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो आगामी दिनों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। इस मौके पर उपप्रधान संदीप दुहन, नीरज धीमान पानीपत, राजविद्र सिंह कुरूक्षेत्र, गोपाल मौजूद थे।

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