जागरण संवाददाता, करनाल :

पंजाबी अध्यापक एवं भाषा कल्याण सोसाइटी हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी प्रदेशाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह अरोड़ा की अगुवाई में सीएम के चंडीगढ़ निवास पर ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता राज्य प्रधान डॉ. करनैल चंद ने की। प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा में पंजाबी भाषा व शिक्षकों से संबंधित मांगों को बड़ी गंभीरता से ओएसडी के सामने रखा। जिनमें सबसे पहला मुद्दा यह था कि एनएसक्यूएफ विषयों को पंजाबी व संस्कृत भाषाओं का विकल्प ना बनाया जाए। जिसके लिए ओएसडी ने जल्द प्रस्ताव लेकर इसे पंजाब व दिल्ली की तर्ज पर लागू करने का वादा किया। दूसरे मुद्दे के तौर पर प्रतिनिधिमंडल ने याद करवाया कि हरियाणा सरकार ने पिछले वर्ष सिरसा में किए गए राज्य स्तरीय एक बड़े कार्यक्रम में श्री गुरूनानक देव जी के 550वें गुरु पर्व पर जल्द से जल्द करीब 400 टीजीटी व 400 पीजीटी के पंजाबी अध्यापकों के पदों का विज्ञापन निकालने व इससे पहले सरकार द्वारा पंजाबी भाषा को तीसरी कक्षा से शुरू करने का वादा किया था। सरकार को इसे जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. करनैल सिंह, हरगुजिन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह काहलों, जसकरन सिंह, इंद्रवीर सिंह, अमनदीप सिंह, सूरज भान, त्रिलोचन सिंह बल, प्रीत बाजवा, रोशन लाल, साहब सिंह, कुलदीप सिंह व सतनाम सिंह मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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