जागरण संवाददाता, करनाल : राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कर्ण लेक पर तीन दिन से किसानों के लिए लंगर सेवा की जा रही है। लंगर में रोजाना आठ से दस हजार गुरु के भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें पंजाब से दिल्ली जाने वाले किसानों के अलावा सभी लोग शामिल हैं।

सिघु बार्डर पर किसानों के संघर्ष को समर्थन करते हुए करनाल के गांव कुराली स्थित सिंह सभा की ओर से उक्त सेवा की जा रही है। गुरुद्वारा ग्रंथी बाबा महिद्र सिंह के नेतृत्व में सुबह चार बजे चाय बांटी जाती है और दोपहर को सब्जी व रोटी वितरित किया जाता है। गुरु का यह लंगर पिछले तीन दिन से वितरित किया जा रहा है। बाबा महिद्र का कहना है कि लंगर सेवा केवल किसानों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए है।

सुबह चार बजे चाय बांटना शुरू कर दिया जाता है, जबकि रात 11 बजे तक हाईवे पर आने-जाने वालों की सेवा की जाती है। दिन में आठ से दस हजार भक्त गुरु का प्रसाद ग्रहण करते हैं। हाईवे पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए विशेष ध्यान रखा जाता है। सेवा के लिए जता रहे आभार

सेवादार नवाब सिंह विर्क, जगजीत सिंह, साहब सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से किसान रोजाना आ-जा रहे हैं। मार्ग में विश्राम व खान-पान के लिए गुरुद्वारा सिंह सभा कुराली की तरफ से लंगर सेवा लगाई गई है। हाईवे पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए सेवादारों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। कार सवार परिवार में विनय चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने यहां चाय-पकौड़े खाए और इस सहयोग के लिए सिख समाज का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के संघर्ष को सफलता मिलेगी। इस दौरान पंजाब से दिल्ली जा रहे अन्य तीन से चार किसानों के वाहन रुके हुए थे। जबकि दिल्ली से पंजाब जा रहे किसानों ने भी गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।

सेवादार गगन विर्क, हैप्पी राजा, सन्नी हांडा ने बताया कि किसानों का संघर्ष जारी रहने तक लंगर सेवा जारी रहेगी। लंगर सेवा में कुराली, दरड़, सलारू के ग्रामीण राशन का सहयोग कर रहे हैं। साथ ही, कर्ण लेक के आसपास के ग्रामीण और हाईवे पर आने-जाने वाले भी गुरु के लंगर में सहयोग कर रहे हैं।

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