संवाद सहयोगी, इंद्री : अनाजमंडी में कई दिन से हालात बेकाबू चल रहे हैं। पूरे दिन में जीरी का जितना उठान हो पाता है, कई बार उससे ज्यादा जीरी की आवक होने से स्थिति बिगड़ जाती है। इसलिए पिछले दिनों एक दिन के लिए खरीद कार्य भी बंद रखा गया था लेकिन उससे अगले दिन मंडी में जीरी की आवक बढ़ गई और दो दिन से अनाजमंडी के बाहर भी जाम के हालात बन गए।

शुक्रवार को भी मंडी गेट के दोनों तरफ स्टेट हाइवे पर जीरी से लदे ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइन लगी रही बल्कि एक दिन पहले भी हाइवे पर ट्रैक्टर-ट्राली में जीरी लेकर किसान खड़े रहे। किसानों को मंडी में ट्रैक्टर-ट्राली के प्रवेश करने में घंटों लग गए। मंडी के अंदर के रास्तों पर भी जीरी से लदे वाहन खड़े हैं। कहीं भी खाली जगह नजर नहीं आती है और कुछ जगह कई-कई फीट ऊंचे बोरियों के चट्टे तक लग गए हैं। गौरतलब है कि अनाजमंडी में स्थिति को संभालने के लिए पिछले दिनों एक दिन के लिए खरीद भी बंद रखी गई थी लेकिन अगले दिन बड़ी संख्या में जीरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों पहुंचने से मंडी के बाहर भी जाम की स्थिति बन गई। अनाजमंडी के पूर्व प्रधान हरपाल मंढाण का कहना है कि मंडी में जाम की स्थिति चल रही है। जीरी की खरीद का कार्य ठीक चल रहा है लेकिन मंडी जाम होने से उठान कार्य प्रभावित हो रहा है ऐसे में जीरी के उठान कम पा रहा है। इस समय मंडी में जीरी के करीब सात-आठ लाख कट्टे पड़े होंगे। ऐसे हालात में स्थिति सुधरने में एक सप्ताह का समय भी लग सकता है। उन्होंने कहा कि एक दिन में जितनी जीरी का उठान हो पाता है, उतनी जीरी मंडी में फिर आ जाती है। मंडी प्रधान सतपाल का कहना है कि मंडी में खरीद ठीक चल रही है। उठान भी हो रहा है। सीजन के दिनों में मंडी में भीड़ होती है। भीड़ होने से जाम की स्थिति बन जाती है।

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