जागरण संवाददाता, करनाल: शहर के फूसगढ़ और शिव कालोनी में नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (मलजल उपचार संयत्र) के काम में अब तेजी आएगी। शुक्रवार को निगम आयुक्त विक्रम ने एसटीपी का निर्माण कर रही कंपनी टाटा के कलस्टर हेड प्रशांत प्रधान को बुलाकर दोनो संयंत्रों के साथ-साथ सैदपुरा और शुगर मिल परिसर में निर्माणाधीन दो इंटरमिडिएट पंपिग स्टेशन (आइपीएस) के लिए 31 मार्च तक सिविल वर्क, मशीनरी फिटिग और टैस्टिंग जैसे कार्यो को मुकम्मल करने की डेडलाइन दे दी। इस पर कलस्टर हैड ने भी निगम आयुक्त के साथ काम पूरा कर देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

निगमायुक्त ने बैठक की कार्रवाई के दौरान साफ तौर पर कहा कि काम धीमा है, जबकि मशीनरी और मैटीरियल की कोई कमी नहीं। उन्होंने कलस्टर हेड को कहा कि अब लेबर की संख्या कम से कम 300 तक बढ़ाएं, तभी काम पूरा होगा। अब तक जितना काम होना चाहिए था उतना नहीं हुआ, अब और विलंब स्वीकार्य नहीं। प्रगति देखने के लिए वे कभी भी साइट विजिट कर सकते हैं। सड़कों की मरम्मत पर की चर्चा

इस बैठक में निगमायुक्त ने सात ऐसी सड़कों की भी चर्चा की, जिनमें स्टोरम वाटर की पाइप डालने का काम किया गया था। बारिश हो जाने पर कीचड़ इन सड़कों पर आने-जाने वालो के लिए दुश्वार हो जाता है, परिणामस्वरूप शिकायतें नगर निगम में आती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आयुक्त ने कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी सड़कें जो पाइप डालने के लिए तोड़ी गई हैं, उन्हें बहाल करने के लिए तुरंत काम शुरू किया जाए। प्रीतम नगर में भी बनेगा 1.18 एमएलडी क्षमता का एसटीपी

निगमायुक्त ने टाटा कम्पनी के प्रतिनिधियों को कहा कि शहर के प्रीतम नगर क्षेत्र में 1.18 एमएलडी क्षमता को जो मलजल संयत्र बनाया जाना है, उस पर भी जल्द काम शुरू किया जाए। कार्य की जो ड्राईंग व डिजाईन बनाई गई है, दोनो निगम में जमा करा दें। उन्होंने शुगरमिल रोड से मेरठ रोड चौक की ओर डाले जाने वाले डीआई पाईप को भी जल्द डालने के निर्देश दिए। पाईप लाईनें एसटीपी की मेन लाइन से जोड़ी जाएंगी। फूसगढ़ और शिव कालोनी में बन रहे एसटीपी

नगर निगम की ओर से फूसगढ़ क्षेत्र में 20 मिलियन लीटर डेली मलजल को उपचार करने की क्षमता का बड़ा एसटीपी बनाया जा रहा है, जबकि 8 एमएलडी क्षमता का एसटीपी शहर के पश्चिम में स्थित शिव कालोनी एरिया में निर्माणाधीन है। बतौर निगमायुक्त अब तक दोनों एसटीपी का 65 से 70 फीसद काम हुआ है। इसी को लेकर उन्होंने कलस्टर हैड को बुलाकर उसके साथ काम में तेजी लाने के मकसद से बैठक की। बैठक में निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर, एक्सईएन सतीश शर्मा, एमई लख्मीचंद राघव और टाटा एजेंसी के इंजीनियरों को भी शामिल किया गया।

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