जागरण संवाददाता, करनाल: लोगों को कड़ाके की ठंड के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ बड़ा कारण माना जा रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि जब भी पश्चिमी विक्षोभ आते हैं और उनके बीच अंतराल यानि दो पश्चिमी विक्षोभ के आने की अवधि में कम से कम सप्ताह भर का गैप होता है तो कड़ाके की ठंड पड़ती है। ऐसी स्थिति में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली है।

अक्टूबर व नवंबर माह में अच्छी ठंड गिरी है। दिसंबर माह में अभी तक ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है। धुंध गिरनी जरूर शुरू हुई है, लेकिन ठंड का अहसास ज्यादा नहीं हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का सिलसिला लगातार जारी है। 11 व 12 दिसंबर को अगला पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिसका प्रभाव पहाड़ों तथा मैदानी क्षेत्र दोनों में देखने को मिल सकता है।

हरियाणा के समीप बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा व पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बरसात देखने को मिल सकती है। 15 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ के हटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके बाद शीत लहर चलनी शुरू हो जाएगी। 17 या 18 दिसंबर से कड़ाके की ठंड शुरू होने का अनुमान है। यह रहा मौसम का हाल

बुधवार को अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय नमी की मात्रा 100 फीसदी दर्ज की गई। हवा 3.6 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत रफ्तार से चली। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में आंशिक बादल छा सकते हैं। क्षेत्र में हल्की धुंध भी छा सकती है।

Edited By: Jagran