- अब कड़ाके की ठंड झेलने को तैयार रहें लोग, न्यूनतम तापमान सबसे निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान

जागरण संवाददाता, करनाल: उत्तर भारत में पहाड़ी क्षेत्रों में बीते तीन-चार दिन से भारी बर्फबारी देखने को मिली है। जिसके कारण मैदानी क्षेत्र भी शीत लहर के प्रकोप से प्रभावित हुए हैं। सोमवार को दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए, जिससे ठंड ओर भी प्रचंड हो गई। इस सीजन का यह सबसे ठंडा दिन है। अधिकतम तापमान रिकार्ड 8.0 डिग्री की गिरावट के साथ महज 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी मामूली गिरावट के साथ 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, लेकिन यह सामान्य से 3.0 डिग्री अधिक है। शीत लहर 6.4 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। सुबह के समय नमी की मात्रा 97 फीसद दर्ज की गई, जो शाम को भी ऐसे ही बरकरार रही। मौसम विभाग की मानें तो 24 घंटों के बाद यह मौसमी सिस्टम आगे निकल जाएगा और इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी कमजोर हो जाएगा। दोनों मौसमी सिस्टमों के कमजोर होने के कारण अब मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लगभग सभी भागों में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने की संभावना है। साथ ही उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं पहाड़ों से होकर निचले इलाकों तक आनी शुरू होंगी। जिससे दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी शहरों में सामान्य से ऊपर पहुंच गए न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। अनुमान है कि हरियाणा के अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, दिल्ली व एनसीआर समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से फिर नीचे चला जाएगा। इनमें कई इलाके ऐसे होंगे जहां पर शीतलहर जैसे हालात भी अगले 24 से 48 घंटे में बन सकते हैं। यानि यह तो तय है कि लोगों को अगले दो-तीन दिनों के दौरान कड़ाके की सर्दी के लिए तैयार रहना होगा।

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