जागरण संवाददाता, करनाल:

क्षेत्र में बादल तो छाये, तेज हवा भी चली, लेकिन हवा के साथ बादल बिना बरसे ही लौट गए। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार लोगों को उम्मीद थी कि अच्छी बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तेज हवा चलने और बादल छाए रहने से गर्मी से मामूली राहत जरूर मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय नमी की मात्रा 95 फीसदी दर्ज की गई जो शाम को घटकर 66 फीसदी रह गई। हवा 3.7 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत रफ्तार के साथ चली। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में क्षेत्र में तेज बारिश हो सकती है। अब तक 330 एमएम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार जुलाई माह में अब तक 330 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। जुलाई माह बीतने को दो दिन बचे हैं। मौसम विभाग ने इन दो दिन में तेज बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में बरसात का यह आंकड़ा ओर अधिक बढ़ सकता है। वैसे पिछले 10 सालों में जुलाई माह में बरसात की स्थिति पर गौर किया जाए तो वर्ष 2011 में 180.1 एमएम बरसात दर्ज की गई। 2012 में बरसात का यह आंकड़ा महज 34.9 एमएम तक ही सिमटकर रह या। वर्ष 2013 में 215.4 एमएम बरसात दर्ज की गई। 2014 में जुलाई का माह सूखे जैसा रहा। इस वर्ष महज 66.0 एमएम बरसात दर्ज की गई। 2015 में बरसात 231.0 एमएम दर्ज की गई। वर्ष 2016 में 202 एमएम, 2017 में 71.4 एमएम, वर्ष 2018 में रिकार्ड 554.4 एमएम बारिश हुई थी। वहीं 2020 में अब तक यह आंकड़ा 330.0 एमएम तक पहुंचा है।

Posted By: Jagran

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