जागरण संवाददाता, करनाल : सावन माह में मानसून खूब मेहरबान हो रहा है। मंगलवार सुबह बरसात शुरू हुई थी, दोपहर तक बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। बरसात से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। लेकिन शहर में अलग-अलग जगहों पर बरसात के पानी से जलभराव जरूर हुआ है। जिस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को अधिकतम तापमान गिरावट के साथ 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी गिरावट के साथ 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय नमी की मात्रा 100 फीसदी दर्ज की गई जो शाम को घटकर 89 फीसदी दर्ज की गई। हवा 5.8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। 24 घंटे में बरसात 39.0 एमएम बरसात हुई है।

सबसे अधिक बरसात इंद्री क्षेत्र में 60 एमएम दर्ज की गई है। मूनक ब्लाक में महज 14.0 एमएम दर्ज की गई। धान की फसल को होगा फायदा

कृषि एवं कल्याण विभाग के एसडीओ डा. सुनील बजाड़ के मुताबिक बरसात का फायदा धान की फसल को मिलेगा। जिले में 1.70 लाख हैक्टेयर में धान रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। 65 फीसद धान की रोपाई हो चुकी है। इस बरसात का फायदा यह होगा कि जिस फसल की रोपाई हो चुकी है वह जल्दी से ग्रोथ करेगी। इसके अलावा जो एरिया खाली पड़ा हुआ था उसमें धान रोपाई का काम शुरू हो जाएगा। शहर में पॉश एरिया में भी बनी जलभराव की स्थिति

शहर के सेक्टर-12, आइटीआइ चौक, मुगल कैनाल, कृष्णा नगर में सुबह की तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। जिस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कृष्णा नगर निवासी क्षेत्र निवासी रामसिंह के अनुसार लोगों के घरों में करीब आधे से एक फुट पानी भर गया। लोगों का काफी सामान खराब हो गया। रामगनर, गांधीनगर में भी यही हालत रही। लोगों को बाल्टियों के साथ बारिश में ही घरों से पानी निकालना पड़ा। इसके अलावा हांसी रोड का गंदे पानी का नाला ओवर फ्लो हो गया। इससे न्यू वाल्मीकि कालोनी, जनकपुरी, मंगल कालोनी, चांद सराय समेत कई क्षेत्रों के लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया। लाइनपार क्षेत्र राम नगर की तमाम सड़कों पर पानी जमा रहा। रेलवे रोड, कमेटी चौक, कर्ण गेट, सब्जी मंडी चौक, नेहरू पैलेस, ओल्ड जीटी रोड, टेलीफोन एक्सचेंज, कपड़ा मार्केट के सामने भी जलभराव की स्थिति देखने को मिला। बिजली और सड़क यातायात प्रभावित

बरसात के साथ-साथ तेज हवाओं के कारण जिले में अलग-अलग जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिरने की सूचना है। जहां पेड़ गिरे उन क्षेत्रों में बिजली में गुल हो गई। बरसात के कारण बिजली सप्लाई पर व्यापक असर पड़ा। इंद्री व गढ़ीबीरबल रोड पर अवरूद्ध होने के कारण वन विभाग की टीमों ने किसानों की सहायता से सड़क पर गिरे पेड़ों को हटवाया। देर शाम तक बिजली सप्लाई शुरू हो पाई।

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