अश्विनी शर्मा, करनाल

धान खरीद के सीजन में अनाज मंडी में रिश्वत का खेल जमकर चला। इस खेल को लेकर मार्केट कमेटी के पूर्व सचिव सुंदर सिंह ने पूरा व्यूह रचा। इस खेल में कमेटी के किसी अन्य कर्मचारी को शामिल नहीं गया। बल्कि कंप्यूटर के जानकार कुछ युवाओं की एक गुप्त टीम बनाई गई। जो जमींदारों, राइस मिलर्स व आढ़तियों के संपर्क में थी। इस टीम पर ही आढ़तियों से मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज किसानों के रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर उसके बाद गेट पास काटने की जिम्मेदारी इस टीम पर थी। यह टीम इस गड़बड़झाले का कोई भी काम उधार में नहीं करती थी। एडवांस पेमेंट लेने के बाद ही काम के लिए हां की जाती थी और उसके अगले दिन गेट पास थमा दिए जाते थे। फर्जी गेट पास काटने की दर 50 रुपये प्रति क्विंटल वसूली जा रही थी।

छह नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर समीर वशिष्ट की शिकायत पर सिटी पुलिस थाने में मार्केट कमेटी के पूर्व सचिव सुंदर सिंह सहित पांच लोगों पर एफआइआर दर्ज की गई थी, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। धान के सीजन की शुरुआत के साथ ही मार्केट कमेटी के तत्कालीन सचिव सुंदर सिंह ने उन युवाओं से संपर्क साधा, जो उसके विश्वासपात्र भी हों और कंप्यूटर की जानकारी भी रखते थे। ऐसे युवाओं की टीम बनाने के बाद उन्हें विभागीय सिस्टम समझाया गया और गेट पास काटने की जानकारी दी दी गई। फिर उन्हें लैपटॉप मुहैया करवा दिया गया। इसके बाद फर्जी गेट पास कटवाने में शामिल रहे आढ़ती या तो सीधे तत्कालीन सचिव से संपर्क करते या फिर इस टीम के पास चले जाते। वर्जन

सिटी पुलिस थाने के एसएचओ संदीप का कहना है कि अभी इस मामले में जांच की जा रही है। लैपटॉप या किसी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क को बरामद किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी एसडीएम से मिले रिकार्ड सहित अन्य बिदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। किसानों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। मंडी गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी ली गई है।

Edited By: Jagran