जागरण संवाददाता, करनाल : जिला के कुछ दिनों के दौरान ही उजागर हुए दुष्कर्म के दो हाई प्रोफाइल मामले जांच पर ही अटक गए र्ह। पुलिस केस दर्ज होने से लेकर अभी तक मामलों की जांच के दावे ही कर रही है जबकि इससे आगे न पुलिस बढ़ पाई है और न महिला आयोग ने ही कड़ा कदम उठाया है। जिसके चलते दोनों मामले चर्चा का विषय बने हुए है। बता दें कि आठ जुलाई को दुष्कर्म का पहला मामला सामने आया था, जिसमें प्रताप स्कूल की कर्मी रही महिला ने स्कूल संचालक अजय भाटिया व तहसीलदार राजबख्श पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया था। वहीं इसके बाद 14 जुलाई को दुष्कर्म का दूसरा बड़ा मामला सामने आया था। जिसमें सोनीपत की रहने वाली महिला ने राइस मिल संचालक सहित सात लोगों पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। यहीं नहीं एक महिला को भी आरोपित बनाया गया था। पुलिस ने सभी आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। प्रताप स्कूल संबंधित मामले में एसपी ने दो डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग एसआइटी गठित की थी जबकि तरावड़ी मामले की जांच भी डीएसपी की निगरानी में शुरू की गई। दोनों मामलों पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा महिला आयोग की टीम भी जांच के लिए पहुंची थी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। हालांकि उसी दिन तरावड़ी मामले में पीड़ित द्वारा मैजिस्ट्रेट के समक्ष बयान पलट दिए जाने के चलते मामले में नया मोड़ आ गया था। जिसके चलते महिला पर कार्रवाई की तैयारी पुलिस व महिला आयोग ने शुरू कर दी थी, लेकिन आज तक ये दोनों मामले जांच तक ही अटके हुए है। वहीं एसआइटी इंचार्ज डीएसपी जगदीप दून का कहना है कि जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट एसपी को सौंप दी जाएगी।

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